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आदर्श संस्कृत ग्राम नगला तराई का निरीक्षण, संस्कृत को रोजगार से जोड़ने पर जोर

देहरादून, 1 मई।.शुक्रवार को ग्राम पंचायत नगला तराई में उत्तराखंड शासन के संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार ने आदर्श संस्कृत ग्राम का निरीक्षण कर समीक्षा बैठक की। यह बैठक ग्राम सभा के बहुउद्देशीय भवन में आयोजित की गई, जहां ग्राम प्रधान देवेन्द्र सिंह और खंड विकास अधिकारी संजय कुमार गांधी ने सचिव का माल्यार्पण कर स्वागत किया।

इस अवसर पर संस्कृत शिक्षा प्राप्त कर रहे ग्रामवासियों ने संस्कृत में स्वागत गीत, वंदना और श्लोक प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। करण चंद, प्रीति, इशारा खान, मेहरू निशा, मीणा थापा और रिंकू राणा ने आत्म-परिचय, श्लोक एवं गीतों की प्रस्तुति दी। श्रीमती मीना थापा ने दैनिक जीवन में संस्कृत मंत्रों के सकारात्मक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए इसके अधिकाधिक उपयोग पर जोर दिया।

सचिव दीपक कुमार ने देश के प्रथम संस्कृत ग्राम की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां सभी जनपदों में संस्कृत ग्राम स्थापित किए गए हैं। उन्होंने उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम, निदेशालय, परिषद और विश्वविद्यालय द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि संस्कृत को देश-विदेश में रोजगार से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि षोडश संस्कारों पर आधारित कार्यशालाओं के आयोजन के साथ-साथ विदेशों में संस्कृत की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के विदेश मंत्रालय से भी संपर्क किया जा रहा है। सचिव ने उपस्थित लोगों से संस्कृत भाषा के प्रति रुचि बढ़ाने और ‘श्रुति माध्यम’ के अधिकाधिक उपयोग के माध्यम से इसे सीखने-सिखाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन संस्कृत ग्राम की प्रशिक्षिका श्रीमती ललिता भट्ट ने किया। इस दौरान खंड विकास अधिकारी संजय कुमार गांधी, सहायक खंड विकास अधिकारी चंद्रशेखर जोशी, ग्राम प्रधान देवेन्द्र सिंह, सहायक निदेशक (संस्कृत), ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्रामोत्थान परियोजना एवं एनआरएलएम स्टाफ सहित ग्राम के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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