आईटीबीपी की सीमांत क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता
गौचर, 1 मई (गुसाईं)। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 8वीं वाहिनी गौचर के नव नियुक्त सैनानी मनोहर सिंह रावत ने कहा है कि सीमांत क्षेत्रों के लोगों का जीवन स्तर सुधारना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
वाहिनी परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि आईटीबीपी का गठन देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए किया गया है, लेकिन इसके साथ ही सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, विशेषकर युवाओं के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए भी कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र के लोग सजग प्रहरी की भूमिका निभाते हैं और उनके विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में बल की महत्वपूर्ण भूमिका है।
सैनानी रावत ने बताया कि आईटीबीपी सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ आपदा प्रबंधन में भी सक्रिय भूमिका निभाता है। बल के पास आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें लद्दाख, छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों और संयुक्त राष्ट्र मिशनों में कार्य करने का अवसर मिला है।
जनपद पौड़ी से संबंध रखने वाले रावत ने कहा कि उन्हें पहली बार गढ़वाल क्षेत्र के लोगों की सेवा करने का अवसर मिला है, जो उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में केदारनाथ-बद्रीनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न कराना भी आईटीबीपी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि महानिरीक्षक उत्तरी सीमांत आईजीपीएस मनु महाराज और उप महानिरीक्षक, क्षेत्रीय मुख्यालय देहरादून शैलेश जोशी के नेतृत्व में 8वीं वाहिनी केदारनाथ धाम में सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था की जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही है। वर्तमान में केदारनाथ में डिप्टी कमांडेंट कार्तिक शर्मा और इंस्पेक्टर जीडी दीपक बिष्ट के नेतृत्व में बल पूरी मुस्तैदी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहा है।
इस अवसर पर डिप्टी कमांडेंट मनोज शाह, जे.के. बेहरा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पंकज गौतम तथा इंजीनियर सतीश कुमार सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
