जनगणना 2027 की तैयारियों की समीक्षा, अधिकारियों को पारदर्शिता व जनसंपर्क बढ़ाने के निर्देश

रुद्रपुर, 02 मई (सू.वि.)— सचिव, संस्कृत शिक्षा, जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग, उत्तराखण्ड शासन, श्री दीपक कुमार की अध्यक्षता में पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय परिसर में जनपद के समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सचिव श्री दीपक कुमार ने निर्देश दिए कि जिला प्रशासन के अधिकारी गांवों में भ्रमण के दौरान कम से कम एक रात्रि विश्राम अवश्य करें, ताकि ग्रामीणों की वास्तविक समस्याओं को समझकर उनका प्रभावी समाधान किया जा सके।
जनगणना 2027 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सचिव ने अब तक की प्रगति की जानकारी ली और निर्देशित किया कि सभी कार्य पारदर्शिता एवं नियमों के अनुरूप संपादित किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालयों में कार्यरत सभी शिक्षकों की ड्यूटी एक साथ न लगाई जाए, जिससे शैक्षणिक कार्य प्रभावित न हो और जनगणना कार्य भी सुचारू रूप से संचालित हो सके। साथ ही आमजन को जागरूक करने के लिए निर्देश दिए कि वे किसी भी अपरिचित व्यक्ति को पहचान पत्र देखे बिना अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। इसके लिए पंतनगर स्थित रेडियो यंत्रों एवं अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया।

भाषा के महत्व पर बल देते हुए सचिव ने कहा कि हिंदी हमारी प्रथम राजभाषा तथा संस्कृत द्वितीय राजभाषा है। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यालयों एवं अधिकारियों के नाम हिंदी के साथ-साथ संस्कृत में भी अंकित किए जाएं तथा आवश्यकतानुसार संस्कृत विभाग से अनुवाद कराया जाए। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक स्थलों पर स्वागत संदेशों में भी संस्कृत के प्रयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।
विभागीय समीक्षा के दौरान सचिव श्री दीपक कुमार ने अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि सीएचसी एवं पीएचसी केंद्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को देखते हुए टेलीमेडिसिन परामर्श की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को भी निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो सके। उन्होंने साइबर फ्रॉड एवं साइबर सुरक्षा के प्रति आमजन को जागरूक करने हेतु विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने “ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड” संकल्प के अंतर्गत ड्रग्स इंस्पेक्टर एवं पुलिस विभाग को समन्वय स्थापित करते हुए संयुक्त रूप से प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पर्यटन विभाग को निर्देशित किया गया कि जिले में होमस्टे की संख्या बढ़ाने के प्रयासों में तेजी लाई जाए, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सके। साथ ही गैस वितरण प्रणाली की नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए सचिव ने कहा कि सभी पात्र लाभार्थियों को योजना का पूर्ण लाभ दिलाया जाना सुनिश्चित किया जाए तथा अधिक से अधिक लोगों का पंजीकरण किया जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस महत्वपूर्ण योजना से वंचित न रहे।
सचिव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि अधिकतम शिकायतों का समाधान एल-1 स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए, जिससे आमजन को त्वरित राहत मिल सके। जिन विभागों में शिकायतें अधिक संख्या में लंबित हैं, उनसे कारण ज्ञात करते हुए निष्पक्ष एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त उन्होंने “गड्ढा मुक्त सड़क” अभियान के अंतर्गत संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी सड़कों का मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि आगामी मानसून के दौरान आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। विद्यालयों में बालिकाओं एवं महिला कर्मचारियों हेतु स्थापित शौचालयों की स्वच्छता एवं समुचित रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे छात्राओं को किसी भी प्रकार की असुविधा या अप्रिय घटना का सामना न करना पड़े।
जनगणना 2027 की तैयारियों की समीक्षा के दौरान अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र ने अवगत कराया कि प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों की नियुक्ति कर दी गई है तथा मकानों की गणना का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, जिसे पोर्टल पर प्रतिदिन अपडेट किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह कार्य पूरी पारदर्शिता एवं त्रुटिरहित ढंग से किया जा रहा है।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल, परियोजना निदेशक डीआरडीए हिमांशु जोशी, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नफील जमील, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.पी. सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी विद्या सिंह सोमनाल, महाप्रबंधक जिला उद्योग विपिन कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरुद्ध सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
