ऋषिकेश के तपोवन में विजया भारती और भव्य राज का संगीत समागम
गंगा की लहरों पर गूँजेगी फोक और पॉप की जुगलबंदी
ऋषिकेश, २ मई. देवभूमि ऋषिकेश की आध्यात्मिक छटा और माँ गंगा के पावन सानिध्य में कल, ३ मई २०२६ को भारतीय संगीत जगत का एक दुर्लभ दृश्य साकार होने जा रहा है। तपोवन के शांत वातावरण में 3 को और 4 मई को भी वहीं लोकगायिका देवी के आश्रम में सुरों का ऐसा इंद्रधनुष बिखरेगा, जहाँ एक ओर परंपरा की जड़ें होंगी और दूसरी ओर आधुनिकता के पंख।
भारत की प्रतिष्ठित बहुभाषी लोकगायिका विजया भारती और उनके सुपुत्र, युवा दिलों की धड़कन पॉप-सूफी कलाकार भव्य राज, पहली बार एक साथ मंच साझा कर संगीत के एक नए युग का सूत्रपात करेंगे। विजया भारती ने स्वयं अपने सोशल मीडिया के माध्यम से इस ‘माँ-बेटे’ की अनूठी संगीतमय यात्रा की पुष्टि की है।
सांस्कृतिक वैभव और आधुनिकता का मिलन
विजया भारती केवल एक गायिका नहीं, बल्कि भारतीय लोक कला की संवाहिका हैं। १८ भाषाओं (भोजपुरी, मैथिली, अंगिका आदि) में दक्षता रखने वाली विजया जी आकाशवाणी की ‘टॉप’ ग्रेड कलाकार हैं। हाल के वर्षों में उन्होंने भोजपुरी लोकगीतों के माध्यम से देशभक्ति और गांधीवादी दर्शन को वैश्विक पहचान दिलाई है।
दूसरी ओर, भव्य राज, जिन्होंने एमटीवी (MTV) जैसे बड़े मंचों से अपनी पहचान बनाई, आज पॉप और सूफी गायन के क्षेत्र में एक प्रयोगधर्मी नाम हैं। इस कार्यक्रम की मुख्य विशेषता इनका ‘फ्यूजन’ होगा, जहाँ सदियों पुराने लोकगीत और समकालीन पॉप संगीत एक-दूसरे में विलीन होकर एक “माइंड-ब्लोइंग” अनुभव प्रदान करेंगे।
उपलब्धियों का आकाश
विजया भारती के योगदान को स्वयं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने सराहा है। कुपोषण और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसे सामाजिक अभियानों में उनकी सक्रियता ने उन्हें एक कलाकार से ऊपर उठाकर एक सामाजिक प्रेरणा बना दिया है। संस्कृति मंत्रालय और IGNCA जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़ी विजया भारती की कला अब ऋषिकेश के मंच पर भव्य राज के रॉक और सूफी अंदाज के साथ मिलकर एक नया इतिहास रचेगी।
