क्षेत्रीय समाचार

कर्मचारियों की कमी से जूझ रही नगर पंचायत पोखरी, विकास कार्य प्रभावित

राजेश्वरी राणा की रिपोर्ट
पोखरी, 5 मई। बड़े सपनों और विकास की उम्मीदों के साथ वर्ष 2013 में गठित नगर पंचायत पोखरी आज बुनियादी कर्मचारियों के अभाव से जूझ रही है। गठन के करीब 13 वर्ष बाद भी आवश्यक पदों पर स्थायी नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं। इसका सीधा असर विकास कार्यों की गति और प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ रहा है, जो अब चरमराती नजर आ रही है।
हालात यह हैं कि नगर पंचायत पूरी तरह आउटसोर्स कर्मचारियों के सहारे संचालित हो रही है। कैशियर, लिपिकीय स्टाफ, डाटा ऑपरेटर और टैक्स कलेक्शन एजेंट जैसे महत्वपूर्ण पद अब तक रिक्त हैं। वर्तमान में केवल अधिशासी अधिकारी बीना नेगी और पर्यावरण पर्यवेक्षक अनुराग रावत ही स्थायी रूप से तैनात हैं।
कर्मचारियों की कमी के चलते वित्तीय प्रबंधन, राजस्व वसूली और लेखा-जोखा जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई अहम फाइलें लंबित पड़ी हैं, जिससे योजनाओं का क्रियान्वयन समय पर नहीं हो पा रहा। इसका सबसे अधिक असर ठेकेदारों के भुगतान पर पड़ा है। समय पर भुगतान न मिलने से ठेकेदार आर्थिक दबाव में हैं और नए कार्यों में रुचि नहीं दिखा रहे। परिणामस्वरूप कई विकास योजनाएं कागजों तक सीमित होती जा रही हैं, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।
गौरतलब है कि नगर पंचायत पोखरी का गठन विशाल, गुनियाला, पोखरी और देवर देवस्थान ग्राम सभाओं को शहरी विकास योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से किया गया था। बाद में वल्ली ग्राम सभा को इससे अलग कर दिया गया। गठन के समय लोगों ने क्षेत्र के तेज विकास की उम्मीद की थी, लेकिन वर्तमान हालात उन उम्मीदों के विपरीत नजर आ रहे हैं।
नगर पंचायत अध्यक्ष सोहन लाल का कहना है कि आउटसोर्स व्यवस्था केवल अस्थायी समाधान है। इससे न तो कार्यों में निरंतरता बनी रहती है और न ही पारदर्शिता सुनिश्चित हो पाती है। उन्होंने बताया कि स्टाफ की कमी के कारण योजनाओं के संचालन में अनावश्यक देरी हो रही है, जिससे जनता को मिलने वाले लाभ समय पर नहीं मिल पा रहे और असंतोष बढ़ रहा है।
इस मुद्दे को लेकर जनप्रतिनिधियों में भी आक्रोश है। नगर पंचायत अध्यक्ष सोहन लाल, पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद पंत, पार्षद गिरीश किमोठी, सत्येंद्र सिंह नेगी, उमेद सिंह, महिधर पंत, अब्बल सिंह चौधरी, हर्षवर्धन चौहान, संतोष चौधरी, रमेश चौधरी, कुंवर सिंह चौधरी और राज्य आंदोलनकारी संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष कुंवर सिंह खत्री समेत कई जनप्रतिनिधियों, ठेकेदारों और व्यापारियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजकर नगर पंचायत में शीघ्र स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग की है।
जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो विकास कार्य पूरी तरह ठप हो सकते हैं। उन्होंने सरकार से तत्काल ठोस कदम उठाने और नगर पंचायत के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की मांग की है, ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके और आम जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।

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