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संस्कृत ग्राम पाण्डेगांव में गूंजी संस्कृत की मधुर ध्वनि

 

सचिव दीपक गैराला ने किया निरीक्षण, ग्रामीणों के प्रयासों की सराहना

कोटाबाग/नैनीताल, 11 मई। विकासखण्ड कोटाबाग स्थित संस्कृत ग्राम पाण्डेगांव रविवार को पूरी तरह संस्कृतमय वातावरण में रंगा नजर आया। उत्तराखण्ड शासन के सचिव, संस्कृत शिक्षा, जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग श्री दीपक गैराला के ग्राम आगमन पर ग्रामीणों, महिलाओं और बच्चों ने पारंपरिक ढंग से उनका भव्य स्वागत किया। पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारम्भ बच्चों द्वारा संस्कृत भाषा में स्वागत गीत प्रस्तुत कर किया गया। इसके बाद बच्चों ने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों का सस्वर पाठ किया तथा संस्कृत स्तुतियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रभावशाली प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गांव की महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में अतिथियों का स्वागत किया।
संस्कृत ग्राम पाण्डेगांव की सबसे खास बात यह रही कि यहां बच्चे, महिलाएं और ग्रामीण सामान्य बातचीत में भी संस्कृत भाषा का प्रयोग करते हैं। इसे संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल माना जा रहा है।
अपने संबोधन में सचिव दीपक गैराला ने ग्रामीणों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्कृत हमारी संस्कृति, परंपरा और ज्ञान-विज्ञान की मूल भाषा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की द्वितीय राजभाषा होने के कारण संस्कृत के संरक्षण और प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी हम सभी की है। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा को सुनकर, बोलकर और व्यवहार में लाकर सहज रूप से सीखा जा सकता है।
उन्होंने राज्य सरकार द्वारा संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए “गार्गी छात्रवृत्ति योजना” चलाई जा रही है। साथ ही संस्कृत शिक्षा प्राप्त कर रही बालिकाओं के लिए हरिद्वार में 150 बेड का बालिका छात्रावास भी प्रारम्भ किया गया है। उन्होंने ग्रामीणों को रेडियो पर प्रसारित होने वाले संस्कृत समाचार सुनने के लिए भी प्रेरित किया।
इस दौरान ग्राम प्रधान प्रभा पाण्डे ने संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए आवश्यक संसाधनों की मांग रखी। इस पर सचिव दीपक गैराला ने ग्राम को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम का संचालन संस्कृत प्रशिक्षक दीपक पाण्डे ने किया। सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा नैनीताल यशोदा प्रसाद सेमल्टी ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि अंत में ग्राम प्रधान प्रभा पाण्डे ने सभी आगंतुकों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में खण्ड विकास अधिकारी श्वेता सैनी, डॉ. हरिचन्द्र गुरूरानी, उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थान के शोध अधिकारी दुर्गादत्त कपिलाश्रमी, राजेन्द्र भट्ट, प्रकाश रूवाली, डॉ. नारायण दत्त थुवाल, कृष्ण चन्द्र जोशी सहित अनेक शिक्षक, अभिभावक, गणमान्य नागरिक और ग्रामीण मौजूद रहे।

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