आदर्श संस्कृत ग्राम गोदा में संस्कृत शिक्षा सचिव का निरीक्षण

संस्कृत संभाषण को जन-जन तक पहुंचाने पर दिया जोर
गोदा (पौड़ी), 28 जून। उत्तराखण्ड शासन के संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार गैरोला ने शुक्रवार को पौड़ी जनपद के आदर्श संस्कृत ग्राम गोदा का निरीक्षण कर ग्रामवासियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत देववाणी है और देवभूमि उत्तराखण्ड के प्रत्येक नागरिक को संस्कृत संभाषण सीखने का प्रयास करना चाहिए। इससे भारतीय ज्ञान परंपरा को समझने के साथ-साथ बच्चों में संस्कृति, संस्कार और सशक्त चरित्र का निर्माण होगा।
सचिव ने ग्रामीणों से आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के संस्कृत समाचार नियमित रूप से सुनने की अपील करते हुए कहा कि श्रवण अभ्यास से संस्कृत बोलना सहज हो सकता है। उन्होंने सरकार द्वारा संस्कृत को उत्तराखण्ड की द्वितीय राजभाषा के रूप में प्रोत्साहित करने के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी भी दी।
उन्होंने बालिकाओं तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध छात्रवृत्ति योजनाओं का उल्लेख करते हुए अभिभावकों से अपनी बेटियों को संस्कृत शिक्षा के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। साथ ही उत्तराखण्ड संस्कृति विश्वविद्यालय में इसी शैक्षणिक सत्र से प्रारंभ हो रहे छात्रावास की जानकारी देते हुए वहां प्रवेश लेने के लिए प्रेरित किया।
दीपक कुमार गैरोला ने बताया कि संस्कृत ग्रामों के अलावा सचिवालय, विधानसभा सत्र, समर कैंपों तथा ऑनलाइन माध्यम से भी संस्कृत संभाषण शिविर संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के संस्कृत विद्यालयों में गणित एवं विज्ञान विषय भी शुरू किए गए हैं तथा संस्कृत विद्यार्थियों के लिए परीक्षा सुधार की व्यवस्था लागू की गई है।
उन्होंने वैदिक गणित, संस्कृत ग्रंथों में निहित ज्ञान-विज्ञान, मंत्र चिकित्सा, संस्कृत को रोजगार से जोड़ने तथा संस्कृत साहित्य के अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में अनुवाद जैसे विषयों पर भी विचार साझा किए। साथ ही आगामी कुंभ मेले के दौरान हरिद्वार-ऋषिकेश को संस्कृत नगरी के रूप में विकसित करने के लिए सरकार के प्रयासों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों एवं महिलाओं ने संस्कृत में संवाद, गीत एवं सुभाषित प्रस्तुत कर सभी को प्रभावित किया। ग्रामवासियों ने अपना परिचय भी संस्कृत भाषा में दिया। ग्राम प्रधान सौरभ गोदियाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्कृत ग्राम के समग्र विकास से जुड़े प्रस्ताव प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का संचालन उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थान, हरिद्वार के शोध अधिकारी ने किया। उन्होंने आदर्श संस्कृत ग्राम योजना की अवधारणा एवं उद्देश्यों की जानकारी देते हुए संस्थान द्वारा संस्कृत दिवस, संस्कृत सप्ताह, विभिन्न प्रतियोगिताओं तथा सरकारी कार्यालयों में द्विभाषी नामपट्ट स्थापित करने जैसे कार्यों का उल्लेख किया।
इससे पूर्व संस्कृत ग्राम गोदा पहुंचने पर ग्रामीणों ने स्वस्तिवाचन एवं पुष्पवर्षा के साथ संस्कृत शिक्षा सचिव का पारंपरिक स्वागत किया।
इस अवसर पर सहायक निदेशक मनोज कुमार सेमल्टी, खिर्सू के नायब तहसीलदार सुदामा सिंह, शौर्य चक्र विजेता कैप्टन देवीप्रसाद गोदियाल, राजस्व निरीक्षक विजेंद्र सिंह, अनुसूया प्रसाद गोदियाल, रघुनन्दन गोदियाल, आशाराम, राजेश्वरी देवी, इन्दु देवी, ललित मोहन गोदियाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
