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चार साल बाद बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, आम आदमी पर बढ़ेगा महंगाई का बोझ

 

नई दिल्ली, 16 मई। देश में लगभग चार वर्षों बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शुक्रवार को तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में औसतन तीन रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि कर दी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण माना जा रहा है।
नई दरों के लागू होने के बाद कई महानगरों में पेट्रोल की कीमतें फिर से 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई हैं। वहीं डीजल और सीएनजी के दाम बढ़ने से परिवहन और दैनिक जरूरतों की वस्तुओं पर भी असर पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इसका सीधा असर महंगाई दर और आम आदमी की घरेलू अर्थव्यवस्था पर दिखाई देगा।
महानगरों में नई कीमतें
नई कीमतों के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गया है। कोलकाता में पेट्रोल 108.74 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है, जबकि मुंबई में पेट्रोल 106.68 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया। चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 103.67 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
इसके अलावा कई राज्यों में स्थानीय वैट और परिवहन लागत के कारण कीमतें और अधिक बढ़ गई हैं। सीएनजी के दामों में भी लगभग दो रुपये प्रति किलो की वृद्धि दर्ज की गई है।
वैश्विक संकट बना मुख्य वजह
विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित किया है। हार्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल का परिवहन होता है, वहां अस्थिरता बढ़ने से कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
ब्रेंट क्रूड की कीमतें 70-80 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 से 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। इसका सीधा असर भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों पर पड़ा है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार में बढ़ोतरी का प्रभाव घरेलू कीमतों पर तेजी से दिखाई देता है।
तेल कंपनियों पर बढ़ा आर्थिक दबाव
भारतीय तेल विपणन कंपनियां लगातार बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों के कारण भारी वित्तीय दबाव झेल रही थीं। बताया जा रहा है कि इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियों को प्रतिदिन हजारों करोड़ रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा था।
पेट्रोल और डीजल पर लंबे समय से हो रही अंडर-रिकवरी के चलते कंपनियों की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो रही थी। इसी दबाव के बीच सरकार और कंपनियों ने आंशिक रूप से कीमतों में बढ़ोतरी का निर्णय लिया।
महंगाई पर पड़ेगा व्यापक असर
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। परिवहन लागत बढ़ने से फल, सब्जी, दूध, अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी वृद्धि होने की संभावना है।
ट्रक ऑपरेटर, बस संचालक, टैक्सी और ऑटो चालक भी किराया बढ़ाने की मांग कर सकते हैं। इससे आम जनता की मासिक घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव बढ़ेगा। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर पर भी इसका प्रभाव दिखाई दे सकता है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों ने सरकार पर जनता पर महंगाई का बोझ डालने का आरोप लगाया है। कांग्रेस सहित कई दलों ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया समाप्त होते ही आम लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ा दिया गया है।
वहीं केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी ने वैश्विक परिस्थितियों को इसके लिए जिम्मेदार बताया है। सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय संकट और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण यह फैसला आवश्यक हो गया था।
आगे और बढ़ सकती हैं कीमतें
विशेषज्ञों के अनुसार यदि पश्चिम एशिया में तनाव बना रहा और कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर कायम रहीं तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और वृद्धि संभव है। एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
सरकार अब वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों, विद्युत वाहनों और सीएनजी आधारित परिवहन को बढ़ावा देने पर अधिक जोर दे रही है। साथ ही रूस सहित अन्य देशों से तेल आयात के विकल्पों पर भी रणनीति बनाई जा रही है।
उपभोक्ताओं के लिए सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों ने लोगों को ईंधन की बचत पर ध्यान देने की सलाह दी है। अनावश्यक यात्रा कम करने, कार पूलिंग अपनाने और सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग से खर्च कम किया जा सकता है। लंबे समय में विद्युत और सीएनजी वाहनों को बेहतर विकल्प माना जा रहा है।
कुल मिलाकर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में यह वृद्धि केवल ईंधन तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि इसका असर देश की अर्थव्यवस्था, महंगाई और आम आदमी के जीवन पर व्यापक रूप से पड़ने वाला है।

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