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तबले की थापों और सारंगी की मधुर धुनों की जुगलबंदी से महकी निर्मल आश्रम अकादमी

निर्मल आश्रम ज्ञानदान अकादमी, ऋषिकेश में भारतीय शास्त्रीय संगीत की मनमोहक प्रस्तुति, अजराड़ा घराना के विश्वविख्यात तबला वादक उस्ताद अकरम खान ने तबले की विलक्षण थापों के संग मुरादाबाद घराना के प्रसिद्ध सारंगी वादक सुभान अली खाँ ने अपनी सारंगी की मधुर धुनों से बांधा समां

 

ख़ास बातें

  • गायत्री मंत्र और दैनिक प्रार्थना हे गोविंद, हे गोपाल की प्रस्तुति से आध्यात्मिक वातावरण का सृजन
  • परम पूज्य संत श्री जोध सिंह महाराज , एनजीए डायरेक्टर स. गुरविंदर सिंह, चेयरमैन डॉ. एसएन सूरी आदि ने दीप प्रज्ज्वलित कर प्रोग्राम का किया शुभारंभ
  • यदि शीश कटाकर भी श्रेष्ठ गुरु मिल जाएँ, तो वह भी सस्ता सौदा:संत श्री जोध सिंह महाराज
  • राग पहाड़ी पर आधारित तीन ताल की लहरा ने श्रोताओं को कर दिया भावविभोर
  • बहते जल, वर्षा की बौछार एवं बादलों की गूंज का अद्भुत सजीव चित्रण
  • उस्ताद अकरम खान ने कहा, संगीत का संबंध सदैव संत परंपरा से रहा
  • मेधावी छात्रा इशिता सिंह ने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2025-26 में नगर में प्रथम एवम् राज्य स्तर पर तीसरा पोजिशन पाई

मुरादाबाद, 16 मई। निर्मल आश्रम ज्ञानदान अकादमी,ऋषिकेश में भारतीय शास्त्रीय संगीत का भव्य एवम् सुरम्य आयोजन अविस्मरणीय रहा , जिसमें देश के ख्यातिप्राप्त कलाकारों ने अपनी अद्भुत प्रस्तुतियों से समस्त वातावरण को संगीत की मधुर लहरियों से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में अजराड़ा घराना के विश्वविख्यात तबला वादक उस्ताद अकरम खान ने तबले की विलक्षण थापों से उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके साथ मुरादाबाद घराना के प्रसिद्ध सारंगी वादक सुभान अली खाँ ने अपनी सारंगी की मधुर धुनों से ऐसा समां बांधा, पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। तबला और सारंगी की जुगलबंदी ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और संगीत प्रेमियों को भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा से साक्षात्कार कराया। विद्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यालय समन्वयक श्री सोहन सिंह कैंतुरा, परीक्षा प्रमुख सुश्री सरवजीत कौर, स्कूल कप्तान सोनल डोभाल एवम् अमरीश शुक्ला ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अतिथियों एवं कलाकारों का गर्मजोशी से स्वागत किया।

संगीत की इस महफिल का आगाज़ विद्यालय संरक्षक परम पूज्य संत श्री जोध सिंह महाराज , एनजीए डायरेक्टर स. गुरविंदर सिंह, चेयरमैन डॉ. एसएन सूरी, श्रीमती रेनू सूरी एवम् भाई हँसबीर सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इसके पश्चात विद्यालय कोयर ग्रुप ने संगीताचार्य स. गुरजिंदर सिंह एवं तबला वादक प्रदीप के मार्गदर्शन में मूल मंत्र, गायत्री मंत्र और दैनिक प्रार्थना “हे गोविंद, हे गोपाल” प्रस्तुत कर आध्यात्मिक वातावरण का सृजन किया। मंच संचालन माही शर्मा एवम् वैष्णवी कोठियाल ने किया।

उन्होंने भारतीय संगीत पर प्रकाश डालते हुए कलाकारों का परिचय एवं विद्यालय की उपलब्धियों का उल्लेख किया।उस्ताद अकरम खान एवं सुभानअली खाँ ने विभिन्न रागों की प्रस्तुति देकर भारतीय संगीत की गहराई एवम् सौंदर्य को जीवंत कर दिया। विशेष रूप से राग पहाड़ी पर आधारित तीन ताल की लहरा ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। तबले की थाप एवं सारंगी के सुरों के माध्यम से कलाकारों ने प्रकृति के विविध रूपों — बहते जल, वर्षा की बौछार एवं बादलों की गूंज का अद्भुत सजीव चित्रण प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के दौरान उस्ताद अकरम खान ने अपने आत्मीय एवं सुविख्यात तबला वादक स्वर्गीय उस्ताद साबिर खान साहब को तबले एवम् सारंगी के सुरों के माध्यम से भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

अपने संबोधन में उस्ताद अकरम खान ने कहा, संगीत का संबंध सदैव संत परंपरा से रहा है। उन्होंने संत श्री जोध सिंह महाराज जी के समक्ष प्रस्तुति देना अपना परम सौभाग्य बताते हुए अपनी सफलता का संपूर्ण श्रेय अपने गुरुजनों को दिया। उन्होंने कहा कि यदि शीश कटाकर भी श्रेष्ठ गुरु मिल जाएँ, तो वह भी सस्ता सौदा है।

संगीत प्रस्तुति के उपरांत परम पूज्य महाराज जी ने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2025-26 में नगर स्तर पर प्रथम एवं राज्य स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली विद्यालय की प्रतिभाशाली छात्रा इशिता सिंह को स्नेहाशीष और उपहार प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही उस्ताद अकरम खान, उनकी धर्मपत्नी श्रीमती तरन्नुम खान एवं सुभानअली खाँ को सिरोपा एवं विद्यालय स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में एनजीए संगीत अध्यापिका श्रीमती दीपमाला कोठियाल ने सभी कलाकारों, अतिथिगणों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से स. हरमन सिंह के योगदान की भी सराहना की।

इस अवसर पर दून इंटरनेशनल स्कूल प्रधानाचार्या श्रीमती तनुजा पोखरियाल, एनडीएस प्रधानाचार्या श्रीमती ललिता कृष्णास्वामी, अवतार कौर, बाबू आत्मप्रकाश जी, तकनीकी प्रबंधक श्री कुलदीप सिंह रावत, श्री राकेश जी, श्री दिनेश शर्मा, श्री अशोक जोशी, स. अमनदीप सिंह जी, विभिन्न विद्यालयों से आए संगीत अध्यापक श्री संतोष पांचाल एवं श्री सोमनाथ निर्मल, कार्यालय समन्वयक श्री विनोद बिजल्वाण, वरिष्ठ खेल प्रशिक्षक दिनेश पैन्यूली सहित समस्त शिक्षक एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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