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देहरादून में नशा मुक्ति को लेकर दो दिवसीय अंतरराज्यीय सम्मेलन आज से

 

देहरादून, 24 मई। नशे के बढ़ते प्रकोप और समाज पर उसके दुष्प्रभावों को लेकर विभिन्न सामाजिक एवं जन संगठनों ने चिंता व्यक्त करते हुए राजधानी देहरादून में दो दिवसीय अंतरराज्यीय सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह सम्मेलन 24 एवं 25 मई को गांधी रोड स्थित श्री दिगंबर जैन धर्मशाला में आयोजित होगा, जिसमें उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों से सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि, आंदोलनकारी एवं नशा मुक्ति अभियान से जुड़े लोग भाग लेंगे।

आयोजन समिति के सदस्य एडवोकेट डी के जोशी ने कहा कि शराब, स्मैक, चरस, गांजा, हीरोइन, ब्राउन शुगर और अन्य मादक पदार्थों की बढ़ती उपलब्धता के कारण युवा पीढ़ी तेजी से नशे की गिरफ्त में आ रही है। इसके चलते अपराध, सड़क दुर्घटनाएं तथा सामाजिक विघटन जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। आयोजकों का आरोप है कि सरकारों की कमजोर नीतियों और अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण न होने से नशे का जाल गांव-गांव तक फैल चुका है।

एक्टिविस्ट एवं हाई कोर्ट के अधिवक्ता डी के जोशी

एडवोकेट जोशी के अनुसार सम्मेलन का उद्देश्य नशा मुक्ति अभियान चला रहे विभिन्न संगठनों और व्यक्तियों को एक मंच पर लाकर उनके अनुभव, सुझाव और रणनीतियों को साझा करना है, ताकि संयुक्त कार्ययोजना बनाकर इस मुहिम को और प्रभावी बनाया जा सके। आयोजकों ने इसे “नशा मुक्त भारत-नशा मुक्त उत्तराखंड” के संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है।

कार्यक्रम के अनुसार 24 मई को सुबह 9 बजे से प्रतिनिधियों का पंजीकरण और नाश्ता होगा। इसके बाद पहले सत्र में प्रतिभागियों का परिचय, उनके संगठनों द्वारा किए जा रहे प्रयासों तथा सुझावों पर चर्चा होगी। दूसरे सत्र में उत्तराखंड में शराबबंदी एवं नशा विरोधी आंदोलनों के इतिहास, उपलब्धियों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। तीसरे सत्र में संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने पर मंथन होगा।
25 मई को सुबह जन जागरूकता संकल्प रैली निकाली जाएगी, जो जैन धर्मशाला से गांधी पार्क होते हुए पुनः धर्मशाला पहुंचेगी। इसके बाद अंतिम सत्र में प्रस्तावों, ज्ञापन के मसौदे और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा की जाएगी।

सम्मेलन का आयोजन राष्ट्रीय शराबबंदी संयुक्त मोर्चा नई दिल्ली तथा नशा मुक्ति जन जागरण अभियान समिति उत्तराखंड के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। आयोजन समिति में राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी, पूर्व अपर सचिव लोकायुक्त जीवन चंद्र उप्रेती, अधिवक्ता डीके जोशी तथा राष्ट्रीय शराबबंदी संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष सुल्तान सिंह प्रमुख रूप से जुड़े हुए हैं।

आयोजकों ने विभिन्न संगठनों और समाजसेवियों से सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी करने तथा नशा मुक्ति अभियान को मजबूत बनाने में सहयोग देने की अपील की है।

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