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भीषण गर्मी के बीच उत्तराखण्ड में बिजली आपूर्ति पर सरकार अलर्ट

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बिजली मांग, फिलहाल प्रदेश में नहीं की गई कोई रोस्टरिंग

देहरादून,  25  मई।  । भीषण गर्मी और देशभर में चल रही हीट वेव के बीच उत्तराखण्ड सरकार ने प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को सचिवालय में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने विद्युत आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए यूपीसीएल को हर हाल में सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि बढ़ती गर्मी के कारण इस वर्ष बिजली की मांग ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 21 मई 2026 को पूरे देश में बिजली की अधिकतम मांग 270.8 गीगावाट दर्ज की गई, जो मई 2024 के 250 गीगावाट के पुराने रिकॉर्ड से भी अधिक है। वहीं उत्तराखण्ड में भी इसी दिन अब तक की सर्वाधिक 2982 मेगावाट बिजली मांग दर्ज की गई।

आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण बातें

फिलहाल उत्तराखण्ड में कोई बिजली कटौती (रोस्टरिंग) लागू नहीं की गई है।

केंद्र सरकार ने उत्तराखण्ड को राहत देते हुए केंद्रीय पूल से मिलने वाली 250 मेगावाट बिजली के अतिरिक्त 150 मेगावाट और आवंटित किए हैं।

यूपीसीएल ने ऊर्जा एक्सचेंजों के माध्यम से अतिरिक्त बिजली खरीद की भी व्यवस्था की है।

राज्य सरकार ने लोगों से पीक आवर्स में बिजली का संयमित उपयोग करने की अपील की है।

क्यों बढ़ी बिजली की मांग?

अधिकारियों के अनुसार उत्तर एवं मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण घरों, कार्यालयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग तेजी से बढ़ा है। इसी वजह से बिजली की मांग में अभूतपूर्व उछाल आया है।

स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रीय स्तर पर पीक आवर्स में बिजली की उपलब्धता सीमित हो रही है। ऊर्जा एक्सचेंजों में प्रति यूनिट अधिकतम निर्धारित दर 10 रुपये होने के बावजूद पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

यूपीसीएल का दावाअभी तक नहीं हुई कटौती

यूपीसीएल प्रबंधन ने बैठक में बताया कि व्यापक योजना और रियल-टाइम मॉनिटरिंग के चलते 28 मई 2026 तक प्रदेश में किसी प्रकार की रोस्टरिंग लागू नहीं की गई है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने भी हाल ही में ऊर्जा विभाग की तैयारियों की समीक्षा की थी। मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव (ऊर्जा) के निर्देशन में यूपीसीएल द्वारा अग्रिम बिजली प्रबंधन, ग्रिड समन्वय और ऊर्जा एक्सचेंजों से खरीद के जरिए आपूर्ति बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।

बारिश और हिमपात से जल विद्युत उत्पादन प्रभावित

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि पिछले 2-3 दिनों में पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और हिमपात के कारण जल विद्युत उत्पादन में लगभग 4 मिलियन यूनिट की कमी आई है। हालांकि आने वाले दिनों में उत्पादन तेजी से बढ़ने की संभावना जताई गई है।

अतिरिक्त बिजली खरीद की व्यवस्था

उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए यूपीसीएल ने ऊर्जा एक्सचेंजों के माध्यम से अतिरिक्त बिजली खरीद की व्यवस्था की है। इसके तहत:

1 से 15 मई 2026 तक 100 मेगावाट अतिरिक्त बिजली

16 से 31 मई 2026 तक 225 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था की गई है।

जनता से अपील

राज्य सरकार और यूपीसीएल ने लोगों से शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक के पीक आवर्स में बिजली का सावधानीपूर्वक उपयोग करने की अपील की है। विशेष रूप से एयर कंडीशनर, वाशिंग मशीन और अन्य अधिक बिजली खपत वाले उपकरणों का सीमित उपयोग करने को कहा गया है, ताकि पूरे प्रदेश में निर्बाध आपूर्ति बनाए रखी जा सके।

बैठक में प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक जी.एस. बुदियाल सहित ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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