राज्य आंदोलनकारियों के लंबित आवेदनों के चिन्हीकरण हेतु अवधि बढ़ाई गई
मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद शासनादेश जारी
देहरादून, 4 जून । उत्तराखण्ड सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समावेशी बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। वर्ष 2021 तक जिलाधिकारी कार्यालयों में लंबित राज्य आंदोलनकारी चिन्हीकरण संबंधी आवेदनों के निस्तारण के लिए निर्धारित अवधि का विस्तार कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के अनुमोदन के उपरांत सचिव श्री शैलेश बगोली द्वारा इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया है। शासनादेश के अनुसार, लंबित आवेदन पत्रों के निस्तारण की अवधि अब 24 जुलाई 2026 से बढ़ाकर 24 सितम्बर 2026 तक निर्धारित की गई है।
इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए शासनादेश की प्रति सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों तथा संबंधित विभागों को भेज दी गई है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन से जुड़े सभी वास्तविक आंदोलनकारियों के सम्मान, पहचान और उनके अधिकारों के संरक्षण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पात्र आंदोलनकारियों को पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और अधिक सुगम बनाया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति चिन्हीकरण की प्रक्रिया से वंचित न रहे।
