विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत हुआ वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

चमोली, 5 जून (कपरुवाण)। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुवार को गोपेश्वर स्थित घिंघराण रोड वन पंचायत परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट तथा विशिष्ट अतिथि जिलाधिकारी गौरव कुमार ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने जनपदवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली का अभिन्न अंग रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1972 में आयोजित स्टॉकहोम सम्मेलन से भी पहले भारतीय सभ्यता में प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण की समृद्ध परंपरा रही है। हमारे पूर्वजों ने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को जीवन का आधार माना तथा प्रकृति के साथ संतुलन स्थापित कर विकास की अवधारणा को अपनाया।
विश्व पर्यावरण दिवस-2026 की थीम “Inspired by Nature, for Climate, For Our Future” का उल्लेख करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन एक वैश्विक चुनौती बन चुका है। ऐसे में प्रकृति से प्रेरणा लेकर विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना होगा तथा विकास की प्रत्येक गतिविधि में पर्यावरणीय सरोकारों को प्राथमिकता देनी होगी।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि वन केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं हैं, बल्कि समाज की साझा धरोहर हैं। जंगल हमें स्वच्छ वायु, जल स्रोतों का संरक्षण, जैव विविधता तथा आजीविका के अनेक साधन प्रदान करते हैं। इसलिए इनके संरक्षण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए जनजागरूकता बढ़ाने तथा सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने पर बल देते हुए कहा कि वनाग्नि से बचाव ही इसका सबसे प्रभावी समाधान है।
कार्यक्रम के दौरान जनपद चमोली में वनाग्नि नियंत्रण के दौरान कर्तव्य निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले फायर वॉचर स्वर्गीय राजेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया तथा वन संरक्षण के क्षेत्र में उनके योगदान को स्मरण किया।
इस अवसर पर केदारनाथ वन प्रभाग द्वारा वनाग्नि रोकथाम एवं जनजागरूकता पर आधारित लघु फिल्म ‘बड़ाग’ का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने फिल्म का अवलोकन किया तथा इसे वनाग्नि के प्रति जनचेतना बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
विश्व पर्यावरण दिवस समारोह के दौरान पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण तथा जनजागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को प्रशस्ति-पत्र एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में चंद्रकला बिष्ट, सुशीला सेमवाल, सुनील पुंडीर, सुनील बिष्ट, आशीष, मानश्वी पुंडीर, गंभीर बिष्ट, ललिता देवी, शशि रावत, नीरज थपलियाल, बलवंत राणा, सार्थक, प्रकाश चंद्र, सोनम, प्रियांशी पुंडीर, संगीता देवी, सुशीला देवी, दर्शन, दिव्या कंडारी, मोहित, जयप्रकाश, शुभम, अनूप, पृथ्वी नेगी, राजेंद्र, चंद्रमोहन, प्रियंका, दीपा, युवराज सिंह, अंशुल, आलोक एवं विनोद सहित अन्य पर्यावरण प्रहरी शामिल रहे।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट के अलावा नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व के वन संरक्षक पंकज कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, प्रभागीय वनाधिकारी अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग प्रियंका सुंडली, प्रभागीय वनाधिकारी बदरीनाथ-केदारनाथ वन प्रभाग सर्वेश कुमार दुबे, रेंज अधिकारी प्रमोद भट्ट, वन पंचायत सरपंच गोपेश्वर सुनीता भट्ट, महिला मंगल दल अध्यक्ष विजया बिष्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, वनकर्मी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
