जनप्रतिनिधियों ने उठाए विकास और जनसमस्याओं के मुद्दे, मुख्य सचिव ने दिए त्वरित समाधान के निर्देश
नई टिहरी, 5 जून। कलेक्ट्रेट सभागार नई टिहरी में मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में जनपद के जनप्रतिनिधियों, नगर निकायों के प्रतिनिधियों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विकास कार्यों और जनसमस्याओं से जुड़े विभिन्न मुद्दे प्रमुखता से उठाए। बैठक में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, आपदा प्रबंधन, पेयजल, सड़क, पर्यटन तथा शहरी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय स्तर पर समाधान योग्य मामलों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर जिला स्तर पर ही किया जाए, ताकि आम जनता को शीघ्र राहत मिल सके। उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय ने क्षेत्रीय असमानताओं और आरक्षित क्षेत्र विस्तार से जुड़े विषय उठाए। विधायक धनोल्टी प्रीतम सिंह पंवार तथा विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह ने आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक संसाधनों और उपकरणों की अग्रिम उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।
विधायक देवप्रयाग विनोद कण्डारी ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा पर्यटन विकास के लिए रोपवे परियोजनाओं को शीघ्र गति देने की आवश्यकता बताई। दर्जाधारी मंत्री जोत सिंह बिष्ट ने नदी तटीय क्षेत्रों में आवागमन के वैकल्पिक साधनों की व्यवस्था पर बल दिया, जबकि दर्जाधारी मंत्री विनोद सुयाल ने चारधाम यात्रा सीजन के दौरान देवप्रयाग-ऋषिकेश मार्ग पर बढ़ते यातायात दबाव और प्रबंधन संबंधी चुनौतियों का मुद्दा उठाया।
नगर पालिका परिषद नई टिहरी के अध्यक्ष मोहन सिंह रावत ने विस्थापित नई टिहरी शहर की विभिन्न समस्याओं से संबंधित ज्ञापन मुख्य सचिव को सौंपा। वहीं बदरी-केदार मंदिर समिति के सदस्य दिनेश डोभाल ने नगर पंचायत घनसाली की भूमि के नियमितीकरण तथा चारधाम यात्रियों को नई टिहरी से जोड़ने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाने की मांग रखी।
बैठक में चंबा और देवप्रयाग नगर पालिकाओं के प्रतिनिधियों ने पार्किंग सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता बताई, जबकि घनसाली और चमियाला नगर पंचायतों के प्रतिनिधियों ने वन्यजीवों के बढ़ते हमलों से जनजीवन और कृषि को हो रहे नुकसान की समस्या उठाई। इसके अलावा विभिन्न विकासखंडों के प्रमुखों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और वन्यजीव प्रबंधन से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से रखा।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मामलों पर संवेदनशीलता के साथ त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं की सफलता के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच निरंतर संवाद, समन्वय और जवाबदेही आवश्यक है।
बैठक में विभिन्न नगर निकायों के अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख, जनप्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
