ओमान तट के पास मिसाइल हमले के बाद 24 भारतीय नाविक सुरक्षित बचाए गए

नई दिल्ली, 09 जून । ओमान के तट के निकट एक तेल टैंकर पर हुए मिसाइल हमले के बाद उस पर सवार सभी 24 भारतीय चालक दल (क्रू) सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इस सफल बचाव अभियान में भारतीय तटरक्षक बल (इंडियन कोस्ट गार्ड) के समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (MRCC) मुंबई और ओमान की समुद्री बचाव एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 8 जून 2026 को दोपहर लगभग 2:20 बजे एमआरसीसी मुंबई को सूचना मिली कि पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर एमटी मारिवेक्स (MT Marivex) पर ओमान के मसिराह तट के निकट लंगर डाले हुए अवस्था में मिसाइल हमला हुआ है। जहाज पर कुल 24 चालक दल सदस्य सवार थे और सभी भारतीय नागरिक थे। यह सूचना जहाज पर मौजूद एक नाविक के परिजन द्वारा एमआरसीसी मुंबई को दी गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एमआरसीसी मुंबई ने तुरंत ओमान समुद्री खोज एवं बचाव केंद्र (OMSC) से संपर्क स्थापित किया और उससे खोज एवं बचाव अभियान का नेतृत्व संभालने तथा जहाज एवं चालक दल को तत्काल सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया।
ओमान की बचाव एजेंसी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक निकटवर्ती जहाज को घटनास्थल की ओर मोड़ा तथा दो बचाव हेलीकॉप्टरों को रवाना किया। इस दौरान एमआरसीसी मुंबई, ओएमएससी ओमान और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय बना रहा, जिससे अभियान की प्रगति पर नजर रखी जा सके और भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
शाम लगभग 5 बजे ओमान की एजेंसी ने पुष्टि की कि ओमान नौसेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी भी चालक दल सदस्य के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है।
फिलहाल, हमला झेलने वाला टैंकर एमटी मारिवेक्स ओमान के मसिराह तट के निकट लंगर डाले हुए है।
भारतीय तटरक्षक बल ने कहा कि यह सफल अभियान क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय समुद्री बचाव एजेंसियों के बीच मजबूत सहयोग और प्रभावी समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है। साथ ही यह दुनिया के किसी भी हिस्से में संकट में फंसे भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
भारतीय तटरक्षक बल के अनुसार, हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्र में जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एमआरसीसी मुंबई अपने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ निरंतर कार्य कर रहा है तथा भविष्य में भी भारतीय नाविकों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
