रीप परियोजना की राहत राशि वितरण में अनियमितता के आरोप, जांच की मांग
थराली, 20 जून (हरेंद्र बिष्ट)। विकासखंड थराली के अंतर्गत चेपड़ों गांव के आपदा प्रभावित ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी यशवीर सिंह रावत को ज्ञापन सौंपकर रीप (REAP) परियोजना के तहत वितरित की गई राहत राशि में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि 17 जून को ब्लॉक सभागार थराली में नंदा देवी आजीविका सहकारिता के माध्यम से वर्ष 2025 के आपदा प्रभावितों को राहत राशि के चेक वितरित किए गए, लेकिन यह प्रक्रिया बिना उचित सर्वेक्षण और निर्धारित मानकों के अपनाई गई। उनका कहना है कि वास्तविक आपदा प्रभावित परिवारों को मात्र 800 रुपये से 15 हजार रुपये तक की सहायता राशि प्रदान की गई, जबकि कुछ ऐसे लोगों को भी लाभान्वित किया गया जो आपदा से प्रभावित ही नहीं थे।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राहत वितरण में पक्षपात बरता गया तथा कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों के दबाव में उनके करीबी लोगों को लाभ पहुंचाया गया। उनका कहना है कि जिस सर्वेक्षण के आधार पर सहायता राशि का निर्धारण किया गया, उसकी निष्पक्षता संदिग्ध प्रतीत होती है।
आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो वे वितरित चेक वापस करने पर विचार करेंगे। उन्होंने राहत राशि वितरण की पूरी प्रक्रिया और उसके आधार की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
उपजिलाधिकारी यशवीर सिंह रावत ने ग्रामीणों को मामले की जांच कराए जाने का आश्वासन दिया है।
ज्ञापन पर राजेंद्र सिंह, गजेंद्र सिंह, मनमोहन सिंह, बलवंत सिंह, महावीर सिंह शाह, हरिश्चंद्र, त्रिलोक सिंह, देवेंद्र सिंह, कुंदन सिंह, सुदर्शन सिंह, पृथ्वी सिंह रावत, हेमंत सिंह रावत, हीराबल्लभ जोशी, मदन मोहन जोशी सहित अन्य ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
