वृद्धावस्था पेंशन के लिए भटक रहीं महिलाएं, सिस्टम पर लापरवाही के आरोप

रिखणीखाल, 13 जुलाई (प्रभुपाल)। सरकार की वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ दिलाने के दावों के बावजूद रिखणीखाल विकासखंड के दूरस्थ एवं सीमांत गांव सिलगांव की दो महिलाएं वर्षों से पेंशन के लिए भटकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रशासनिक लापरवाही और प्रक्रिया में देरी के कारण पात्र होने के बावजूद उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, सिलगांव निवासी 70 वर्षीय सुधा देवी, पत्नी स्वर्गीय सुल्तान सिंह (जन्म तिथि 1 जनवरी 1957) तथा 61 वर्षीय भगती देवी, पत्नी चंद्र सिंह (जन्म तिथि 1 जनवरी 1965) कई वर्षों से वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत कराने के लिए जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के चक्कर काट रही हैं। इसके बावजूद उनके दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है और उन्हें अब तक पेंशन का लाभ नहीं मिला है।

ग्रामीणों का कहना है कि राज्य सरकार ने 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र महिला एवं पुरुषों को समय पर वृद्धावस्था पेंशन उपलब्ध कराने की बात कही है। ऐसे में पात्रता पूरी होने के वर्षों बाद भी लाभार्थियों को पेंशन से वंचित रहना योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग से मामले की जांच कर पात्र महिलाओं की पेंशन शीघ्र स्वीकृत कराने की मांग की है, ताकि उन्हें अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में आर्थिक सहारा मिल सके।
