पहाड़ी दरकने से ग्वालदम-सिमली राष्ट्रीय राजमार्ग 12 घंटे से बंद, पिंडर घाटी की बिजली भी ठप
थराली, 6 अगस्त (हरेन्द्र बिष्ट)। ग्वालदम-सिमली राष्ट्रीय राजमार्ग पर नारायणबगड़ से आगे आमसोड़ के पास पहाड़ी से बड़ी चट्टान और भारी मलबा गिरने के कारण मार्ग पिछले करीब 12 घंटे से यातायात के लिए बंद है। इससे गढ़वाल और कुमाऊं के बीच सीधा सड़क संपर्क बाधित हो गया है। दोनों क्षेत्रों के अलावा पिंडर घाटी से आने-जाने वाले दर्जनों वाहन मार्ग में फंसे हुए हैं।
गुरुवार तड़के हुई घटना में करीब 150 मीटर क्षेत्र में पहाड़ी दरकने से बड़े-बड़े बोल्डर, पेड़ और भारी मात्रा में मलबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गया। इसके चलते सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने सड़क खोलने का कार्य शुरू किया, लेकिन लगातार पत्थर गिरने से राहत कार्य प्रभावित हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यदि मौसम अनुकूल रहा तो मार्ग देर रात या शुक्रवार सुबह तक यातायात के लिए खोला जा सकता है।
भूस्खलन से सिमली स्थित 132 केवी उपकेंद्र से नारायणबगड़, थराली और देवाल क्षेत्रों को जाने वाली 33 केवी विद्युत लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है। ऊर्जा निगम के एसडीओ अतुल कुमार ने बताया कि पांच विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे पूरी पिंडर घाटी की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। उन्होंने कहा कि सड़क खुलते ही मरम्मत कार्य शुरू कर बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जाएगा।
उधर, लोक निर्माण विभाग थराली के अधिशासी अभियंता मनीष डोगरा और सहायक अभियंता जे.के. टम्टा ने बताया कि बुधवार रात हुई भारी बारिश के कारण नारायणबगड़, थराली और देवाल विकासखंडों में पांच सड़कें बंद हो गई थीं। इनमें से कुछ मार्गों पर यातायात बहाल कर दिया गया है, जबकि शेष सड़कों को खोलने का कार्य जारी है।
