तमक नाले में 120 फीट लंबा मॉड्यूलर पुल बहा, हवलदार पंकज लापता, ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर वाहनों के आवागमन पूरी तरह रोक

ज्योतिर्मठ, 11 अगस्त। नीति घाटी में सोमवार शाम भारी बारिश के बाद तमक नाला अचानक उफान पर आ गया। तेज बहाव की चपेट में आने से मलारी-नीति मोटर मार्ग पर तमक नाले के पास बना करीब 120 फीट लंबा मॉड्यूलर पुल बह गया। पुल बहने से नीति घाटी के मलारी, गमशाली और नीति समेत एक दर्जन से अधिक सीमावर्ती गांवों का सड़क संपर्क बाधित हो गया है।
घटना सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे की बताई जा रही है। भारी बारिश के बाद तमक नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया और देखते ही देखते पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि मॉड्यूलर पुल उसकी चपेट में आकर बह गया। पुल के बहने से नीति घाटी में वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हुई है। यह मार्ग सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है और नीति दर्रे की ओर जाने वाले मार्ग का प्रमुख हिस्सा है।
इसी दौरान तेज बहाव की चपेट में एक बोलेरो वाहन भी आ गया। वाहन में सवार हवलदार पंकज ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए अपने साथ बैठे यात्रियों को सुरक्षित निकालने में मदद की। हालांकि, यात्रियों को बचाने के दौरान वह खुद तेज बहाव में बह गए। सोमवार देर शाम तक उनका पता नहीं चल सका था।
हवलदार पंकज की तलाश में सोमवार शाम से ही खोज एवं बचाव अभियान चलाया गया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और स्थानीय बचाव दलों की टीमें अभियान में जुटी हैं। अंधेरा होने के कारण देर रात तलाशी अभियान को रोकना पड़ा। मंगलवार सुबह रोशनी होते ही अतिरिक्त बचाव दलों और आवश्यक उपकरणों के साथ अभियान फिर शुरू किया जाएगा।
पुल के बहने के बाद प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने मौके का जायजा लिया। फिलहाल नीति घाटी के कई सीमावर्ती गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क प्रभावित है। प्रशासन की ओर से स्थिति की निगरानी की जा रही है और मार्ग पर आवाजाही बहाल करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तथा क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर संपर्क बहाल करने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।
नीति घाटी में मानसून के दौरान तमक नाला समेत अन्य नालों में अचानक पानी बढ़ने का खतरा बना रहता है। सोमवार की घटना ने एक बार फिर इस दुर्गम और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं की संवेदनशीलता को सामने ला दिया है।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) से चमोली सहित प्रदेश के सभी संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार 24×7 निगरानी रखी जा रही है। जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों से लगातार समन्वय किया जा रहा है तथा आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव दलों को तत्काल सक्रिय किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमकनाला में 123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा द्वारा निर्मित बेली ब्रिज अत्यधिक जलप्रवाह के कारण पूरी तरह बह गया है। घटना के संबंध में प्राप्त सूचना के अनुसार नाले में अचानक बढ़े पानी के तेज बहाव की चपेट में आने से एक व्यक्ति एवं एक वाहन (कैंपर) के बहने की सूचना प्राप्त हुई है।
सूचना मिलते ही एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं। स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं संबंधित विभागों द्वारा भी आवश्यक राहत एवं बचाव कार्रवाई की जा रही है। घटना स्थल पर स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।
सुरक्षा के दृष्टिगत ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर मलारी की ओर वाहनों का आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है। प्रशासन द्वारा लोगों को प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्र से दूर रहने तथा मार्ग की स्थिति सामान्य होने तक इस मार्ग पर यात्रा न करने की सलाह दी गई है।
सचिव आपदा प्रबंधन ने कहा कि नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने तथा अचानक तेज जलप्रवाह की संभावना को देखते हुए निचले एवं नदी किनारे के क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। संबंधित जिला प्रशासन को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक एहतियाती कदम उठाने तथा लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
