परख प्रश्नपत्र निर्माण पर तीन दिवसीय कार्यशाला संपन्न
थराली/गौचर, 26 अगस्त (हरेन्द्र बिष्ट/दिग्पाल गुसाईं)। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) गौचर में आयोजित तीन दिवसीय परख प्रश्नपत्र निर्माण कार्यशाला बुधवार को संपन्न हो गई। 24 से 26 अगस्त तक आयोजित कार्यशाला में चमोली जिले के सभी नौ विकासखंडों के उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापकों के साथ ही प्रत्येक विकासखंड से एक बीआरपी ने भाग लिया। कार्यशाला में कुल 25 प्रतिभागी शामिल हुए।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य परख के अंतर्गत राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस)-2027 की पूर्व तैयारी करना था। इस दौरान कक्षा छह, सात और आठ के सामाजिक विज्ञान विषय के लिए दक्षता एवं सीखने के प्रतिफल पर आधारित अभ्यास पत्र और प्रश्नपत्र तैयार किए गए। प्रतिभागियों को इस बात की जानकारी भी दी गई कि विद्यार्थियों की केवल किताबी जानकारी के बजाय विषय की समझ और उसके व्यावहारिक उपयोग का आकलन करने वाले प्रश्न किस प्रकार तैयार किए जाएं।
कार्यशाला के समन्वयक डॉ. गजपाल राज ने परख के अनुरूप प्रश्नपत्र निर्माण की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी। संदर्भदाता के रूप में बीरेन्द्र सिंह कठैत, रविन्द्र सिंह वर्खाल और बीएल जितेला ने विभिन्न सत्रों में प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर डॉ. कमलेश कुमार मिश्र, योगेन्द्र सिंह बर्त्वाल, सुमन भट्ट एवं मृणाल जोशी सहित नौ विकासखंडों के डायट मेंटर भी उपस्थित रहे।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए डायट के प्राचार्य डॉ. आकाश सारस्वत ने कहा कि सभी विषयों में दक्षता आधारित प्रश्नपत्र तैयार किए जाने हैं। यह प्रक्रिया कक्षा तीन से 12वीं तक के विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाई जाएगी। इसके लिए सभी विषयों के जिला संदर्भ समूह और विकासखंड संदर्भ समूह गठित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में अब प्रमुख लक्ष्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ उनके सीखने के स्तर का वास्तविक आकलन करना है। इसके लिए विभिन्न स्तरों पर सर्वेक्षण किए जा रहे हैं। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में विद्यालयों में कक्षा तीन, छह और नौ के विद्यार्थियों के लिए परख सर्वेक्षण प्रस्तावित है।
समापन सत्र को शिक्षक दशरथ लाल टम्टा और सोनी भंडारी सहित अन्य प्रतिभागियों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन कार्यशाला समन्वयक डॉ. गजपाल राज ने किया।
