युवा संवाद पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, कहा—संवाद के साथ जवाब भी दे सरकार
देहरादून, 26 अगस्त। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के छात्र-छात्राओं से संवाद और ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम का स्वागत करते हुए इसके स्वरूप और उद्देश्य को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं से संवाद अच्छी पहल है, लेकिन इसकी सार्थकता तभी है जब सरकार रोजगार, पारदर्शी भर्ती और शिक्षा से जुड़े उनके सवालों को भी सुने और उनका समाधान करे।
दसौनी ने वर्ष 2023 में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और सीबीआई जांच की मांग को लेकर देहरादून में हुए बेरोजगार युवाओं के आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय पुलिस कार्रवाई, गिरफ्तारियों और मुकदमों को लेकर सवाल उठे थे। सरकार को बताना चाहिए कि युवाओं की मांगों पर संवाद की व्यवस्था तब क्यों नहीं बन सकी।
उन्होंने ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ निबंध प्रतियोगिता को पूरी तरह स्वैच्छिक रखने की मांग करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था सहित सभी विषयों पर स्वतंत्र रूप से अपने विचार रखने का अवसर मिलना चाहिए।
कांग्रेस प्रवक्ता ने ऑनलाइन संवाद में दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों की भागीदारी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि कमजोर इंटरनेट सुविधा या डिजिटल संसाधनों की कमी के कारण कोई विद्यार्थी कार्यक्रम से वंचित न रहे।
दसौनी ने ऑनलाइन प्रपत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों से जुटाई जाने वाली व्यक्तिगत जानकारियों की सुरक्षा और उपयोग को लेकर स्पष्ट नीति सार्वजनिक करने की मांग भी की। साथ ही सरकारी विद्यालयों के बंद होने अथवा विलय से पर्वतीय क्षेत्रों के बच्चों पर पड़ने वाले प्रभाव पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का युवाओं के बीच जाकर संवाद करना स्वागत योग्य है, लेकिन युवाओं को रोजगार, अवसर, पारदर्शिता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जवाबदेही से जुड़े सवालों के ठोस जवाब भी मिलने चाहिए।
