देवीधुरा में आठ मिनट तक चली ऐतिहासिक बग्वाल, फल-फूलों से आमने-सामने हुए चार खाम
मुख्यमंत्री धामी ने की देवीधुरा को नगर पंचायत बनाने और मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण की घोषणा

चम्पावत, 28 अगस्त। प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां वाराही धाम देवीधुरा में शुक्रवार को रक्षाबंधन के अवसर पर ऐतिहासिक बग्वाल मेले का आयोजन हुआ। चार खाम-सात थोक के बीच खेली जाने वाली बग्वाल दोपहर 1:48 बजे शुरू हुई और 1:55 बजे तक चली। करीब आठ मिनट के इस अनूठे पारंपरिक युद्ध में पत्थरों के स्थान पर फल और फूलों का प्रयोग किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी आयोजन में शामिल हुए और उन्होंने मां वाराही के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
पाटी विकासखंड स्थित मां वाराही धाम में पूजा-अर्चना के बाद बग्वाल की शुरुआत हुई। वालिक, चम्याल, गहड़वाल और लमगड़िया खाम के बग्वाली क्रमशः सफेद, गुलाबी, भगवा और पीले रंग के पारंपरिक परिधानों और पगड़ियों में मैदान में उतरे। उनके हाथों में बांस और रिंगाल से बनी ढालें थीं। शंखनाद और मां वाराही के जयकारों के बीच दोनों ओर से फल-फूल बरसाए गए। बग्वाल समाप्त होने के बाद परंपरा के अनुसार सभी ने एक-दूसरे से मिलकर सद्भाव का संदेश दिया।
पीठाचार्य पंडित कीर्तिबल्लभ जोशी ने खामों के आगमन और बग्वाल संचालन की जिम्मेदारी निभाई। उनके अनुसार फल-फूलों से बग्वाल खेलने की परंपरा को शुभ माना जाता है। कभी यहां पत्थरों से बग्वाल खेली जाती थी, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब फल और फूलों का प्रयोग किया जाता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बग्वाल का अवलोकन करने के साथ ही देवीधुरा को नगर पंचायत क्षेत्र बनाने की बात कही। उन्होंने देवीधुरा में 9.80 करोड़ रुपये की लागत से मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण शीघ्र कराने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि बग्वाल मेले को राजकीय मेले का दर्जा मिलने के बाद यहां की व्यवस्थाओं और सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत देवीधुरा सहित क्षेत्र के धार्मिक स्थलों पर विभिन्न विकास कार्य चल रहे हैं। देवीधुरा मंदिर परिसर में 4.27 करोड़ रुपये की लागत से गढ़वाल खाम भवन और 4.57 करोड़ रुपये से रणकोची मंदिर का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। घटोत्कच मंदिर का सौंदर्यीकरण, घटकु हिडिंबा मंदिर निर्माण, सप्तेश्वर महादेव मंदिर में स्नानघाट तथा लधौनधुरा मेला स्थल का सौंदर्यीकरण पूरा हो चुका है।
उन्होंने बताया कि घटोत्कच से झालिमाली मंदिर मार्ग के डामरीकरण पर 1.95 करोड़ और विभिन्न मंदिरों के सौंदर्यीकरण पर 4.70 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। जिले में पिछले पांच वर्षों में धार्मिक अवस्थापना और सौंदर्यीकरण से जुड़े 68.58 करोड़ रुपये के 397 कार्य कराए गए हैं।
इससे पहले देवीधुरा हेलीपैड पहुंचने पर मुख्यमंत्री का छोलिया नृत्य के साथ स्वागत किया गया। मेले में महिलाओं और बच्चियों ने मुख्यमंत्री को राखी भी बांधी। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मंदिर समिति अध्यक्ष हीराबल्लभ जोशी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
