युवाओं को राज्य में ही शिक्षा-रोजगार के बेहतर अवसर देने पर जोर : धामी

खटीमा, 31 अगस्त। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े। सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन कायम करना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री सोमवार को सनातन धर्मशाला, खटीमा परिसर स्थित एक निजी विद्यालय के सोबन सिंह जीना सभागार में आयोजित ‘युवा समसामयिक संवाद’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों से बातचीत कर रहे थे। कार्यक्रम में 18 विद्यालयों के करीब 360 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने रोजगार, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और आपदा प्रबंधन से जुड़े सवाल मुख्यमंत्री से पूछे।
भ्रष्टाचार से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। काम के बदले रिश्वत मांगने अथवा अनुचित दबाव बनाने की शिकायत टोल फ्री नंबर 1064 और संबंधित मोबाइल ऐप पर की जा सकती है। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखते हुए जांच की व्यवस्था की गई है।
सीमांत क्षेत्रों के विकास से जुड़े सवाल पर धामी ने कहा कि ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत बिजली, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सीमांत गांवों से पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विकास और पर्यावरण संरक्षण के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा उसकी सबसे बड़ी धरोहर है। विकास परियोजनाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण को समान प्राथमिकता देते हुए संतुलित विकास की नीति अपनाई जाएगी।
सरकारी रोजगार पर मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य में अब तक 34 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं और भर्ती प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से अनुशासित जीवन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने को कहा।
पर्यटन से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क और हवाई संपर्क तथा होमस्टे सुविधाओं के विस्तार से पर्यटन गतिविधियां बढ़ी हैं। चंपावत, मुनस्यारी, कौसानी, बेरीनाग, चौकोड़ी, पंचाचूली और आदि कैलाश जैसे क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सालाना पर्यटकों की संख्या सात से आठ करोड़ के पार पहुंच गई है।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के साथ जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
