उत्तरकाशी में एसआईआर के 99.29 प्रतिशत नोटिसों की सुनवाई पूरी
तीनों विधानसभा क्षेत्रों में 63,717 नोटिस जारी, 63,264 मामलों की हो चुकी सुनवाई

उत्तरकाशी, 2 सितंबर। जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची के शुद्धिकरण का काम तेजी से चल रहा है। उत्तरकाशी की तीनों विधानसभा सीटों में जारी कुल 63,717 नोटिसों में से अब तक 63,264 नोटिसों की सुनवाई पूरी हो चुकी है। इस तरह जिले में 99.29 प्रतिशत नोटिसों पर सुनवाई की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशन में एसआईआर कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके तहत मतदाता सूची से संबंधित दावों और आपत्तियों पर नियमानुसार सुनवाई कर उनका समयबद्ध निस्तारण किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित, समावेशी और निष्पक्ष बनाना तथा सभी पात्र नागरिकों का नाम सूची में सुनिश्चित करना है।
जिले की पुरोला, यमुनोत्री और गंगोत्री विधानसभा सीटों के कुल 558 मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) और अन्य निर्वाचन कार्मिक इस कार्य में जुटे हैं। बुधवार शाम चार बजे तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले में जारी 63,717 नोटिसों में से 63,693 नोटिस मतदाताओं को वितरित किए जा चुके हैं।
पुरोला विधानसभा क्षेत्र में जारी सभी 22,426 नोटिस वितरित किए गए और इन सभी की सुनवाई भी पूरी हो चुकी है। इस प्रकार पुरोला में सुनवाई का कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो गया है।
यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र में कुल 19,641 नोटिस जारी किए गए। इनमें से 19,617 नोटिस वितरित किए गए और 19,594 नोटिसों की सुनवाई पूरी हो चुकी है।
इसी तरह गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र में जारी सभी 21,650 नोटिस वितरित किए जा चुके हैं। इनमें से 21,244 नोटिसों की सुनवाई पूरी हो गई है। तीनों विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर अब तक कुल 63,264 नोटिसों की सुनवाई की जा चुकी है।
जिला निर्वाचन अधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी निर्धारित तिथियों पर नोटिसों की सुनवाई कर प्रत्येक प्रकरण का तथ्यों के आधार पर परीक्षण कर रहे हैं। प्रशासन के अनुसार इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम निर्वाचक नामावली से न छूटे और अपात्र अथवा त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों का समय रहते निराकरण किया जा सके।
