Front Page

उत्तराखंड की भावी नीतियों में शोध और आंकड़ों की बढ़ेगी भूमिका, विश्वविद्यालयों के छात्रों को मिलेगा वजीफा

 

देहरादून, 3 सितम्बर। उत्तराखंड में नीति निर्माण को शोध और आंकड़ों से जोड़ने के साथ ही विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को राज्य की विकास योजनाओं से संबंधित अध्ययन में भागीदार बनाया जाएगा। प्रमुख विश्वविद्यालयों के प्रतिवर्ष 10 स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं को कैपस्टोन परियोजनाओं के लिए वजीफा देने पर भी सहमति बनी है। ये विद्यार्थी राज्य की प्राथमिकताओं से जुड़े विषयों पर शोध और परियोजनाओं पर काम करेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में उत्तराखंड स्टेट सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस (यूएससीपीपीजीजी) की शासी निकाय की बैठक में राज्य की दीर्घकालिक विकास रणनीति और ‘विकसित उत्तराखंड-2047’ की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।

बैठक में आर्थिक विकास एवं रोजगार, मानव संसाधन एवं कल्याण, वन-जैव विविधता और जलवायु अनुकूलन, अवस्थापना विकास, स्थानीय स्वशासन, क्षेत्रीय विकास तथा तकनीक आधारित सुशासन को भावी नीति निर्माण के प्रमुख क्षेत्रों में रखने पर जोर दिया गया। राज्य के भविष्य से जुड़े आठ प्रमुख सुधार क्षेत्रों पर विस्तृत अध्ययन कराने का भी सुझाव आया।

शासी निकाय के सदस्यों ने पर्वतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अधिक मूल्य और कम मात्रा वाले उत्पादों तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत बताई। पर्वतीय क्षेत्रों में होम टूरिज्म को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने, मृदा संरक्षण को प्राथमिकता देने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के सुझाव भी दिए गए।

नीतियों और योजनाओं के परिणामों के आकलन के लिए वार्षिक लक्ष्य तय करने, नियमित निगरानी और समय-समय पर नीति परीक्षण की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। जिला और विकासखंड स्तर के अधिकारियों के प्रशिक्षण तथा क्षमता विकास को इसमें महत्वपूर्ण माना गया। विभागों से राज्य की जरूरत के अनुसार शोध के विषय चिह्नित कर विश्वविद्यालयों को उपलब्ध कराने को कहा गया है।

बैठक में यूएससीपीपीजीजी और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के सहयोग से सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण, निगरानी और नीति मूल्यांकन के लिए चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि सतत विकास लक्ष्यों के क्षेत्र में उत्तराखंड हिमालयी राज्यों में पहले स्थान पर है।

मुख्यमंत्री ने राज्य में सफल योजनाओं और उल्लेखनीय उपलब्धियों की केस स्टडी तैयार करने तथा उनके अनुभवों को प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘Uttarakhand at 25: A Himalayan State with Infinite Possibilities’ पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक में राज्य गठन के बाद उत्तराखंड की 25 वर्षों की विकास यात्रा को समाहित किया गया है।

बैठक में विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ और डॉ. प्रमोद नैनवाल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि तथा शासी निकाय के सदस्य मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!