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बाल श्रम के चंगुल से मुक्त कराए गए 3,800 से अधिक बच्चे

नयी दिल्ली, 4 सितम्बर (PIB)। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने देशभर में बाल श्रम, तस्करी और शोषण के खिलाफ एक विशेष राष्ट्रव्यापी अभियान चलाकर बड़ी सफलता हासिल की है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अंतर्गत एक वैधानिक निकाय, एनसीपीसीआर द्वारा 12 जून 2026 को शुरू किया गया यह “अखिल भारतीय बचाव और पुनर्वास” अभियान 31 अगस्त 2026 तक निरंतर चलाया गया। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल श्रम में लगे और तस्करी तथा शोषण के प्रति संवेदनशील बच्चों की पहचान कर उन्हें बचाना और उनका पुनर्वास करना था।

राज्य सरकारों और जिला प्रशासन के साथ मिलकर की गई कार्रवाई

इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए एनसीपीसीआर ने संबंधित राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों, जिलाधिकारियों (DM), श्रम विभागों, पुलिस अधिकारियों और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर समन्वित प्रयास किए। आयोग ने संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर उन संवेदनशील स्थानों (हॉटस्पॉट्स) पर केंद्रित और तीव्र बचाव अभियान चलाने का अनुरोध किया, जहाँ बाल श्रम और बाल तस्करी के मामले अधिक सामने आते हैं। इसके साथ ही, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से नियमित रूप से बचाव अभियानों, बचाए गए बच्चों की संख्या, दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR), उनके पुनर्वास, परिवारों को सौंपने, शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और मुआवज़े से संबंधित डेटा भेजने का भी आग्रह किया गया।

बैठकों और जमीनी निगरानी के जरिए सुलभ बनाई गई प्रक्रिया

अभियान के सफल क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए एनसीपीसीआर ने जिला प्रशासनों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें कीं। इन बैठकों में बचाव अभियानों की प्रगति की समीक्षा करने, काम में आने वाली बाधाओं को दूर करने, कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) का समय पर प्रस्तुत किया जाना सुनिश्चित करने और विभिन्न विभागों तथा एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

सोशल मीडिया और संचार माध्यमों से फैलाया गया जागरूकता का संदेश

सक्रिय अभियानों के साथ-साथ एनसीपीसीआर ने सोशल मीडिया और अन्य संचार मंचों के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया। इसके तहत बाल श्रम की रिपोर्ट करने के तरीकों, बचाए गए बच्चों के पुनर्वास के महत्व और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा में शामिल करने की आवश्यकता के बारे में आम जनता के बीच जानकारी प्रसारित की गई।

3,800 से अधिक बच्चे मुक्त, 575 से अधिक प्राथमिकी दर्ज

इस निरंतर और सक्रिय निगरानी का ही परिणाम है कि एनसीपीसीआर ने राज्य अधिकारियों के सहयोग से 3,800 से अधिक बच्चों को बाल श्रम से सफलतापूर्वक मुक्त कराया। इसके अलावा, इस विशेष अभियान के दौरान बाल श्रम और शोषण में लिप्त दोषियों के खिलाफ 575 से अधिक प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज की गई हैं।

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