वैज्ञानिकों ने व्यक्तित्व से जुड़े 1,000 से अधिक आनुवंशिक प्रकारों की खोज की
More than one million genomes helped identify DNA variants linked to extroversion, agreeableness, neuroticism and more. Researchers measured how those traits influenced how people lived.
दस लाख से अधिक मानव जीनोम के व्यापक विश्लेषण की मदद से वैज्ञानिकों ने डीएनए के ऐसे 1,260 आनुवंशिक प्रकारों (जेनेटिक वेरिएंट्स) की पहचान की है, जिनका संबंध मनुष्य के स्वभाव और व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं से है। इस ऐतिहासिक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने यह भी परखा कि ये आनुवंशिक लक्षण लोगों की जीवनशैली और उनके जीने के तरीके को किस प्रकार प्रभावित करते हैं।
क्या आप स्वाभाविक रूप से चिंतित रहते हैं, अत्यधिक साहसी हैं, या फिर अपनी बात पर अड़े रहने वाले और उम्मीद से कहीं अधिक बहस करने वाले स्वभाव के हैं? मनोविज्ञान में इंसान की इन प्रवृत्तियों को आमतौर पर व्यक्तित्व के ‘बिग फाइव’ (Big Five) आयामों के जरिए मापा जाता है। इनमें बहिर्मुखता (एक्स्ट्रोवर्ट होना), सौम्यता व मिलनसारिता (एग्रीएबलनेस), कर्तव्यनिष्ठा (कॉन्शियसनेस), भावनात्मक संवेदनशीलता व अस्थिरता (न्यूरोटिसिज्म), और नए अनुभवों के प्रति खुलापन (ओपनेस) शामिल हैं। इनमें से प्रत्येक गुण एक निरंतर पैमाने पर मौजूद रहता है और आमतौर पर वयस्क जीवन के दौरान काफी हद तक स्थिर बना रहता है।
लेकिन यह सवाल हमेशा बना रहता है कि इस पैमाने पर किसी व्यक्ति का स्थान कौन तय करता है। वैज्ञानिक लंबे समय से जानते हैं कि व्यक्तित्व डीएनए सहित कई कारकों के जटिल तालमेल से तय होता है। हालांकि, सबसे बड़ी वैज्ञानिक चुनौती हमेशा से उन विशिष्ट रास्तों और तंत्रों को समझने की रही है, जिनके जरिए हमारा आनुवंशिक खाका (जेनेटिक ब्लूप्रिंट) जीवन की दिशा और हमारे आचरण को प्रभावित करता है।
इस व्यापक जैविक संरचना का नक्शा तैयार करने के लिए दुनिया भर के विशेषज्ञों के एक अंतरराष्ट्रीय कंसोर्टियम ने 46 अलग-अलग अध्ययन समूहों के 10 लाख से अधिक लोगों के जीनोम का गहन विश्लेषण किया। किसी भी तरह के भ्रम या बाहरी प्रभावों को दूर करने के लिए शोधकर्ताओं ने हजारों सगे भाई-बहनों और माता-पिता-बच्चों के जीनों की आपस में तुलना भी की। इस व्यापक पड़ताल में वैज्ञानिकों ने व्यक्तित्व से जुड़े कुल 1,260 आनुवंशिक मार्करों की पहचान की, जिनमें से लगभग दो-तिहाई की खोज पहली बार की गई है।
प्रतिष्ठित विज्ञान शोध-पत्रिका नेचर में प्रकाशित यह अध्ययन वैज्ञानिकों की इस पुरानी समझ को और अधिक पुष्ट करता है कि किसी भी इंसान का स्वभाव या मिजाज केवल कुछ खास बड़े जीनों से नहीं, बल्कि हजारों छोटे-छोटे सूक्ष्म आनुवंशिक बदलावों से आकार लेता है। ये सूक्ष्म घटक अलग-अलग परिस्थितियों में भिन्न-भिन्न रूप से सक्रिय होते हैं। इस परियोजना के विशाल पैमाने ने व्यक्तित्व आनुवंशिकी के क्षेत्र को अभूतपूर्व सांख्यिकीय मजबूती दी है, जिससे वैज्ञानिकों को उन जैविक और व्यावहारिक मार्गों की गहराई से पड़ताल करने के लिए एक मजबूत आधार और कार्यप्रणाली प्राप्त हुई है।
