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बड़ी जात : दूसरे पड़ाव नंदानगर के मधकोट गांव पहुंची नंदा डोली

 

-हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट-
थराली/नंदाधाम कुरूड़, 6 सितंबर। नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ से कैलाश की ओर विदा हुई श्री नंदा राजराजेश्वरी बड़ी जात यात्रा के तहत बधाण की नंदा देवी की उत्सव डोली अपने दूसरे पड़ाव नंदानगर के मधकोट गांव पहुंच गई हैं। जबकि दशोली की नंदा डोली लुणतरा गांव व बण्ड़ की नंदा डोली अपने दूसरे पड़ाव बटुला गांव पहुंच गई हैं।इस दौरान तीनों ही यात्रा मार्गो पर यात्रा का भव्य रूप से स्वागत किया गया और नंदा देवियों की नंदा भक्तों ने पूजा अर्चना कर मनौतियां मांगी।कल (आज) बधाण की डोली भेटी,बण्ड की डोली ल्वांह,दिगोली नंदादेवी मंदिर एवं दशोली की डोली कांडेई गांव के तीसरे प्रवास पर रहेंगी।
शनिवार को नंदा धाम कुरूण से एक साथ तीनों ही देव डोलियां कैलाश यात्रा पर निकली थी,कुरूड़ से हजारों की संख्या में मौजूद नंदा भक्तों ने अपनी ध्याणी समान अपनी ईष्ट देवी को कैलाश यात्रा के लिए विदा किया था। तीनों ही देव डोलियों के इस बार नंदा देवी बड़ी जात यात्रा के तहत करीब 280 किलोमीटर की यात्रा करते हुए कैलाश स्थित होम कुंड तक जाने की संभावना हैं।इस संभावना का बड़ा कारण यात्रा के साथ चल रहे दो चौसिंगा खंडुओं हैं। रविवार को बड़ी जात के दूसरे दिन बधाण की नंदा की यात्रा चरबंग में देवी पूजा के दौरान चमोली के जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, रघुवीर पधान,लक्ष्मण फर्स्वाण, महिपाल सिंह, राकेश फर्स्वाण,राय सिंह आदि ने यात्रा का स्वागत एवं विदाई की। इसके बाद करीब पौने चार बजे यात्रा चरबंग से
बाद अपने दूसरे पड़ाव के लिए रवाना हुई यात्रा कुंडबगड़ पहुंची जहां पर नंदा भक्तों ने यात्रा का भव्य रूप से स्वागत किया ।इसके बाद डोली देर सांय अपने दूसरे पड़ाव मधकोट में रात्रि विश्राम के लिए पहुंच गई, यात्रा के मधकोट पहुंचने पर मधकोट सहित आसपास के गांवों के नंदा भक्तों ने यात्रा का भव्य रूप से स्वागत किया।इस मौके पर यहां पर नंदा देवी सहित अन्य देवी देवता भी अवतारित हुए। यात्रा मार्ग पर समिति के अध्यक्ष नरेश गौड़, पूर्व अध्यक्ष मनशा राम गौड़, कन्हैया प्रयास गौड़, राजेश गौड़,बची राम गौड़,धनी राम गौड़,दया राम गौड़, रमेश गौड़, योगेश्वर प्रसाद गौड़ आदि नंदा पुजारियों ने भक्तों की पूजाएं सम्पन्न करवाईं।
*दशोली* नंदा धाम कुरूड़ से चली दशोली की डोली अपने पहले पड़ाव कुमजुग गांव से रविवार को दूसरे पड़ाव के लिए करीब 11 रवाना हुई उसके बाद यात्रा कुंडबगड़ पहुंची यहां पर भी यात्रा का भव्य रूप से स्वागत हुआ, इसके बाद यात्रा अपने दूसरे पड़ाव लुणतरा गांव पहुंच गई।
*बण्ड* कुरूड़ मंदिर से चली तीसरी नंदा देवी की डोली रविवार को अपने पहले पड़ाव मैठाणा से प्रातः करीब 10 बजें रवाना हुई इसके बाद यात्रा चमोली,श्रेत्रपाल,बिरही होते हुए दूसरे पड़ाव बटुला गांव पहुंची इस दौरान पूरे यात्रा मार्ग पर नंदा भक्तों ने यात्रा का भव्य रूप से स्वागत करते हुए देव डोली की पूजा-अर्चना कर मनौतियां मांगी।
एक साथ तीन-तीन देव डोलियों के कैलाश के लिए निकलने पर पूरे चमोली जिला नंदामय हो उठा हैं, गांव-गांव, कस्बों एवं नगरों में नंदा देवी पर गाए गऐ गीतों,झोड़ो,चाचड़ियों से गुंजायमान हो कर रह गए हैं। श्रद्धालु पूरी तरह से नंदा भक्ति में डूबे हुए नजर आ रहे हैं।
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नंदा देवी की यात्राओं के साथ चल रहे 2 चौसिंगा खंडु नंदा भक्तों के लिए अपार श्रद्धा का केंद्र बने हुए हैं, देवी भक्त नंदा देवी की डोली की पूजा-अर्चना करने के साथ ही हरहाल में खाडुओं की पूजा-अर्चना के साथ ही उन्हें चढ़ावट चढ़ाने का प्रयास करते दिखाई पड़ रहे हैं।
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एक बार फिर बड़ी जात अथवा लोक जात को लेकर नंदा की यात्रा उलझते नजर आ रही हैं। दरसअल जब रविवार को इस संवाददाता के द्वारा यात्रा के संबंध में नंदा देवी राजराजेश्वरी मंदिर,मेला कमेटी कुरूड़ नंदानगर के अध्यक्ष नरेश गौड़ से मोबाइल पर यात्रा के संबंध में जानकारी चाही तो उनका साफ कहना था कि बधाण की नंदा की डोली लोकजात यात्रा कर रही और इस डोली को लोकजात यात्रा ही लिखा जाना चाहिए।हालांकि इसी कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मनशा राम गौड़ जब नंदा देवी की बड़ी जात यात्रा नंदा धाम कुरूड़ से विदा होने वाली थी तों वे चौसिंगा खंडु की पूजा करवाते नजर आ रहे थे।

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