डीएम उत्तरकाशी नेअधिकारियों को यात्रा मार्गों पर व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करने को कहा
उत्तरकाशी, 10 सितम्बर। मानसून के बाद चारधाम यात्रा के दूसरे चरण को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुचारू बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट के एनआईसी हॉल में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में उतरकर अपने-अपने विभाग से जुड़ी व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करने और कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए।
गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित एजेंसियों को सक्रियता से काम करने को कहा गया। बीआरओ की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने गंगोत्री यात्रा मार्ग पर नगुण, रतूड़ीसेरा, बंदरकोट, चड़ेथी, लिमच्यागाड और पापड़गाड जैसे संवेदनशील स्थानों से मलबा तत्काल हटाकर मार्ग खुला रखने को कहा। यमुनोत्री मार्ग पर स्यानाचट्टी, पालीगाड, सिलाईबैंड और औजारी में अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग को पर्याप्त मशीनरी और कार्यबल तैनात रखने के निर्देश दिए गए।
दोनों धामों के प्रमुख पड़ावों पर स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए जिला पंचायत और सुलभ इंटरनेशनल को विशेष निर्देश दिए गए। सुलभ को शौचालयों के टूटे दरवाजों की मरम्मत के साथ नियमित जलापूर्ति और साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया। दोनों एजेंसियों को कचरा प्रबंधन को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए। यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी उपजिलाधिकारी को दी गई है। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई प्रस्तावित करने को कहा गया है।
यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चर और डंडी-कंडी व्यवस्था को निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित करने पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण, वाटर हीटर, चरी और म्यूल टास्क फोर्स की व्यवस्था प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को एसडीएम बड़कोट तथा पुलिस क्षेत्राधिकारी के साथ समन्वय कर संयुक्त निरीक्षण करने को कहा गया।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आपात स्थिति में तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को यात्रा मार्गों के प्रमुख पड़ावों पर स्वास्थ्य जांच केंद्र सुचारू रखने तथा पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही मेडिकल क्विक रिस्पांस टीम को सक्रिय रखने और आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त भंडार रखने को कहा गया।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि मानसून के बाद चारधाम यात्रा में आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुखद यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। यात्रा मार्गों को सुचारू रखने तथा पेयजल, स्वास्थ्य और स्वच्छता व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि तीर्थयात्री सुगम और सुरक्षित यात्रा कर सकें।
बैठक में पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय और मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह सहित विभिन्न अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। एनआईसी हॉल में अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र, एसडीएम भटवाड़ी शालिनी नेगी, पुलिस क्षेत्राधिकारी जनक पंवार, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दूल गुसाईं सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
