उत्तराखंड में विधायक निधि खर्च में पांच मंत्री मुख्यमंत्री धामी से पीछे
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चार मंत्री धामी से आगे, जून 2026 तक प्रदेश में 66 प्रतिशत विधायक निधि ही खर्च
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आरटीआई कार्यकर्ता नदीम उद्दीन को ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय से मिली सूचना में खुलासा
काशीपुर, 10 सितम्बर। उत्तराखंड की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने में अब कुछ ही महीने शेष हैं, लेकिन विधायकों को उपलब्ध कराई गई विधायक निधि का अब तक केवल 66 प्रतिशत ही खर्च हो सका है। खास बात यह है कि विधायक निधि खर्च करने के मामले में प्रदेश के पांच मंत्री मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी पीछे हैं, जबकि चार मंत्री उनसे आगे हैं।
काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन (एडवोकेट) को सूचना के अधिकार के तहत ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय, उत्तराखंड से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2022-23 से जून 2026 तक कुल 1,66,400 लाख रुपये की विधायक निधि उपलब्ध कराई गई। इसमें से 1,09,129.19 लाख रुपये यानी करीब 66 प्रतिशत धनराशि ही खर्च हो सकी है। इस तरह करीब 34 प्रतिशत विधायक निधि अभी खर्च होनी शेष है।
मंत्रियों में प्रदीप बत्रा सबसे आगे
मंत्रियों के विधायक निधि खर्च की स्थिति देखें तो चार मंत्री मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आगे हैं। इनमें रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा 77 प्रतिशत खर्च के साथ पहले स्थान पर हैं। सितारगंज विधायक सौरभ बहुगुणा 72 प्रतिशत के साथ दूसरे, चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज 68 प्रतिशत के साथ तीसरे और राजपुर रोड विधायक खजान दास 66.11 प्रतिशत के साथ चौथे स्थान पर हैं।
मुख्यमंत्री एवं विधायक पुष्कर सिंह धामी 65.61 प्रतिशत विधायक निधि खर्च के साथ पांचवें स्थान पर हैं। उनके बाद मसूरी विधायक गणेश जोशी 65.45 प्रतिशत, भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा 62 प्रतिशत, सोमेश्वर विधायक रेखा आर्य 60 प्रतिशत, नरेंद्रनगर विधायक सुबोध उनियाल 57 प्रतिशत और श्रीनगर विधायक डॉ. धन सिंह रावत 37 प्रतिशत विधायक निधि खर्च के साथ क्रमशः अगले स्थानों पर हैं।
विधायक निधि खर्च में ये विधायक आगे
प्रदेश में सर्वाधिक विधायक निधि खर्च करने वालों में 77 प्रतिशत के साथ प्रदीप बत्रा और फुरकान अहमद शीर्ष पर हैं। इसके बाद 76 प्रतिशत खर्च करने वालों में रवि बहादुर, सरवत करीम और मदन सिंह बिष्ट शामिल हैं। 75 प्रतिशत खर्च वाले विधायकों में चंदन राम दास और महेश सिंह जीना तथा 74 प्रतिशत वाले विधायकों में उमेश शर्मा, गोपाल सिंह और सुमित हृदयेश शामिल हैं।
इसी तरह 73 प्रतिशत विधायक निधि खर्च करने वालों में बृज भूषण गैरोला, आदेश सिंह, अनुपमा रावत, राजकुमार पोरी, मोहन सिंह, डॉ. मोहन सिंह (लालकुआं) और फकीर राम शामिल हैं। 72 प्रतिशत खर्च करने वालों में बंशीधर भगत, दीवान सिंह बिष्ट, वीरेंद्र कुमार और सौरभ बहुगुणा, जबकि 71 प्रतिशत खर्च वालों में ममता राकेश और त्रिलोक सिंह चीमा शामिल हैं।
मदन कौशिक और अरविंद पांडेय ने 70 प्रतिशत विधायक निधि खर्च की है। 69 प्रतिशत खर्च करने वालों में विनोद कंडारी, उमेश शर्मा, शहजाद, ऋतु खंडूरी, सरिता आर्य, तिलकराज बेहड़ और भुवन चंद्र शामिल हैं। सतपाल महाराज 68 प्रतिशत खर्च वाले विधायकों में शामिल हैं।
सबसे कम खर्च में किशोर उपाध्याय
विधायक निधि का सबसे कम उपयोग करने वालों में किशोर उपाध्याय 30 प्रतिशत खर्च के साथ सबसे नीचे हैं। उनके बाद डॉ. धन सिंह रावत ने 37 प्रतिशत, रेणु बिष्ट ने 44 प्रतिशत, प्रीतम सिंह ने 51 प्रतिशत और सुरेश गड़िया ने 52 प्रतिशत विधायक निधि खर्च की है।
खुशाल सिंह ने 53 प्रतिशत, प्रेमचंद अग्रवाल ने 54 प्रतिशत, यशपाल आर्य और शक्ति लाल शाह ने 55 प्रतिशत तथा प्रमोद नौटियाल ने 56 प्रतिशत विधायक निधि खर्च की है। शैला रानी, भरत सिंह और सुबोध उनियाल 57 प्रतिशत विधायक निधि खर्च करने वालों में शामिल हैं।
आरटीआई से सामने आए इन आंकड़ों के अनुसार विधानसभा का कार्यकाल अंतिम चरण में पहुंचने के बावजूद प्रदेश स्तर पर करीब एक-तिहाई विधायक निधि का खर्च होना अभी बाकी है।
