छठे पड़ाव पर पहुंचीं नंदा की तीनों डोलियां
बधाण की डोली सूना, दशोली की पगना और बण्ड की डोली किरोली पहुंची

–हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट-
गोपेश्वर/थराली, 10 सितंबर। बधाण की राजराजेश्वरी नंदा देवी की उत्सव डोली गुरुवार को अपने छठे पड़ाव सूना गांव पहुंच गई, जबकि दशोली परगना की नंदा देवी की डोली पगना और बण्ड की डोली किरोली गांव पहुंची। यात्रा मार्गों पर देवी भक्तों ने तीनों यात्राओं का भव्य स्वागत कर पूजा-अर्चना की और मनौतियां मांगीं। कई स्थानों पर यात्रा मार्ग अव्यवस्थित होने तथा नालों-गदेरों में उफान के बावजूद यात्रियों का उत्साह बना हुआ है।
सूना में कालरात्रि यंत्र की विशेष पूजा
गुरुवार को अमावस्या के पर्व पर बधाण की राजराजेश्वरी नंदा देवी की डोली अपने छठे पड़ाव सूना गांव पहुंची। इससे पहले पांचवें पड़ाव थराली विकासखंड के सोल डुंग्री में बुधवार रात से ही नंदा भक्तों ने पूजा-अर्चना शुरू कर दी थी, जो गुरुवार सुबह करीब 11 बजे तक चली। इसके बाद यात्रा केरा और मेन गांव के लिए रवाना हुई। यहां भी देवी भक्तों ने डोली की पूजा-अर्चना की।
दोपहर के भोजन के बाद यात्रा करीब 12 किलोमीटर का सफर तय कर देर शाम सूना गांव पहुंची। यहां गुरुवार और शुक्रवार की रात कालरात्रि यंत्र की विशेष पूजा विधि-विधान से की जाएगी। सूना गांव के सामने पिंडर नदी के दूसरी ओर दक्षिण कालिंका कुलसारी का ऐतिहासिक मंदिर स्थित है, जिसका क्षेत्र में विशेष धार्मिक महत्व है।
शुक्रवार को बधाण की डोली थराली गांव, थराली बाजार, केदारबगड़ और राणीबगड़ होते हुए सातवें पड़ाव चेपड़ो गांव पहुंचेगी, जहां नंदा देवी की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।
25 किलोमीटर चलकर पगना पहुंची दशोली की डोली
दशोली परगना की नंदा देवी की डोली गुरुवार को करीब 25 किलोमीटर की यात्रा तय कर चतुर्दशी पर्व पर मटेई ग्वाड़ से दाणू मंदिर होते हुए पगना गांव पहुंची। यहां देवी की विशेष पूजा के साथ रात्रि जागरण का आयोजन किया जाएगा।
शुक्रवार को यात्रा पगना से रवाना होकर करीब 20 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करते हुए भौधार और चरबंग के रास्ते नंदानगर के ल्वाणी गांव पहुंचेगी।
किरोली पहुंची बण्ड की नंदा डोली
बण्ड की नंदा देवी की डोली भी गुरुवार को चतुर्दशी पर्व पर करीब सात किलोमीटर की यात्रा तय कर कम्यार गांव से किरोली पहुंची। यात्रा को लेकर क्षेत्र में भारी उत्साह बना हुआ है। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने देवी की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
शुक्रवार को डोली करीब 18 किलोमीटर की दूरी तय कर किरोली से कोट मंदिर और भूमियाल मंदिर होते हुए गोणा गांव पहुंचेगी। वहां नंदा देवी के साथ भूमियाल देवता की भी विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।
