विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर सकारात्मक पेरेंटिंग और सोशल मीडिया पर मंथन

नरेंद्रनगर, 10 सितम्बर। धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय नरेंद्रनगर के मनोविज्ञान विभाग एवं मानसिक स्वास्थ्य समिति के संयुक्त तत्वावधान में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर ‘पेरेंटिंग एंड सोशल मीडिया: प्रिवेंशन ऑफ सुसाइड’ विषय पर एक दिवसीय ऑनलाइन जागरूकता व्याख्यान आयोजित किया गया।
स्टेप अप रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजी क्लिनिक की निदेशक एवं नैदानिक मनोवैज्ञानिक डॉ. माधवी अवस्थी ने विषय विशेषज्ञ के रूप में अभिभावकों को बच्चों और युवाओं के मनोविज्ञान को समझने तथा सकारात्मक पेरेंटिंग के लिए उन्हें पर्याप्त समय देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के व्यवहार में आने वाले बदलावों, जैसे चिड़चिड़ापन और आत्मविश्वास में कमी आदि को अभिभावकों को चेतावनी के संकेत के रूप में गंभीरता से लेना चाहिए।
डॉ. अवस्थी ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि अभिभावकों को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों के प्रति सजग रहने के साथ उनसे संवाद बनाए रखना चाहिए। बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय उनकी भावनाओं को समझना और ऐसा पारिवारिक वातावरण बनाना जरूरी है, जिसमें वे अपनी समस्याएं और मन की बातें बिना झिझक साझा कर सकें।
व्याख्यान में आत्महत्या की रोकथाम में परिवार, अभिभावकों और सामाजिक परिवेश की भूमिका पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की समय रहते पहचान और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ की सहायता लेने को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों और अभिभावकों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने, बच्चों के साथ सकारात्मक संवाद बढ़ाने तथा सोशल मीडिया के संतुलित और जिम्मेदार उपयोग के लिए प्रेरित किया गया।
