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हल्द्वानी में नितिन नवीन ने पूर्व सैनिकों को किया नमन, बोले—उत्तराखंड वीरों की भूमि

हल्द्वानी में गौरव सेनानी मिलन एवं पूर्व सैनिक सम्मान समारोह, मुख्यमंत्री धामी भी हुए शामिल

हल्द्वानी, 10 सितम्बर। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने गुरुवार को हल्द्वानी में आयोजित ‘गौरव सेनानी मिलन एवं पूर्व सैनिक सम्मान समारोह’ में पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और सैनिक परिवारों को नमन करते हुए कहा कि उत्तराखंड की धरती वीरों की भूमि है और यहां के सैनिकों ने देश की रक्षा में अतुलनीय योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना अधिक आधुनिक और सशक्त हुई है तथा भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कुमाऊं मंडल के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और सैनिक परिवारों ने समारोह में भाग लिया।

नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सैनिकों के सम्मान और उनके मनोबल को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री स्वयं सैनिकों के बीच जाकर उनका उत्साह बढ़ाते रहे हैं। सीमावर्ती गांवों को देश का अंतिम गांव मानने की पुरानी सोच बदलकर उन्हें देश का ‘प्रथम गांव’ माना गया और उनके विकास को प्राथमिकता दी गई है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की सैन्य शक्ति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। देश रक्षा उपकरणों के मामले में आत्मनिर्भर बनने के साथ अब उनका निर्यात भी कर रहा है। इससे दुनिया में भारत की रक्षा क्षमता और स्वदेशी रक्षा उत्पादन की नई पहचान बनी है।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पूर्व सैनिकों और सैनिक परिवारों के कल्याण के लिए उत्तराखंड सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि देहरादून में बन रहा सैन्य धाम उत्तराखंड के वीर सैनिकों और शहीदों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक बनेगा। यह आने वाली पीढ़ियों को सैनिकों के शौर्य, त्याग और बलिदान से परिचित कराने के साथ राष्ट्रसेवा की प्रेरणा भी देगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं को नमन करते हुए कहा कि सैनिक अपने जीवन का स्वर्णिम समय राष्ट्र की रक्षा और सेवा में समर्पित करते हैं। सैनिक कभी पूर्व या भूतपूर्व नहीं होता, वह जीवनभर सैनिक रहता है। उन्होंने कहा, “हमारे पूर्व सैनिक ‘भूतपूर्व’ नहीं बल्कि ‘अभूतपूर्व’ हैं।” वे अपने अनुशासन, समर्पण, राष्ट्रभक्ति और अनुभव से समाज एवं राष्ट्र को निरंतर नई दिशा देते हैं।

धामी ने कहा कि सैनिक पुत्र होने के नाते वह सैनिक और उसके परिवार के त्याग, अनुशासन तथा संघर्ष को भली-भांति समझते हैं। उत्तराखंड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। विक्टोरिया क्रॉस विजेता दरबान सिंह नेगी और गबर सिंह नेगी से लेकर जनरल बी.सी. जोशी और जनरल बिपिन रावत तक इस भूमि ने देश को अनेक वीर सपूत दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की रक्षा व्यवस्था और सैन्य सामर्थ्य मजबूत हुआ है। भारत स्वदेशी रक्षा उपकरणों का निर्माण बढ़ाने के साथ उनका निर्यात भी कर रहा है। प्रधानमंत्री ने दशकों से लंबित ‘वन रैंक-वन पेंशन’ की मांग पूरी कर पूर्व सैनिकों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया।

धामी ने बताया कि देहरादून के गुनियाल गांव में सैन्य धाम का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। राज्य सरकार ने शहीद सैनिकों के आश्रितों की अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये और परमवीर चक्र विजेताओं की एकमुश्त अनुदान राशि 50 लाख से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये कर दी है। बलिदानी सैनिक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में नियुक्ति के लिए आवेदन की समय-सीमा दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष की गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य के सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को 25 लाख रुपये तक की अचल संपत्ति की खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत छूट दी जा रही है। सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और सैनिक परिवारों के कल्याण, शिक्षा, रोजगार तथा अन्य सुविधाओं के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। सैनिक कल्याण से जुड़े मामलों का प्राथमिकता से समाधान किया जा रहा है।

समारोह में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, सांसद अजय भट्ट, राम सिंह कैड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, कार्यक्रम संयोजक एवं दायित्वधारी सुरेश भट्ट, ध्रुव रौतेला और पूर्व मेयर जोगेंद्र रौतेला सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं, सैनिक परिवार, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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