उत्तराखंड में चार साल में 63 पार्किंग परियोजनाएं पूरी, 4202 वाहनों की क्षमता बढ़ी
नैनीताल में 700 और कैंची धाम में 500 से अधिक वाहनों के लिए बन रही पार्किंग
देहरादून, 12 सितम्बर। उत्तराखंड के पर्वतीय शहरों, तीर्थस्थलों और पर्यटन केंद्रों में बढ़ते यातायात दबाव के बीच पिछले चार वर्षों में आवास विभाग ने 63 पार्किंग परियोजनाएं पूरी की हैं। इनसे कुल 4202 वाहनों के लिए पार्किंग क्षमता विकसित हुई है। अब नैनीताल और कैंची धाम सहित अधिक दबाव वाले क्षेत्रों में नई पार्किंग परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
प्रदेश में चारधाम यात्रा और पर्यटन के दौरान प्रमुख नगरों तथा तीर्थस्थलों में वाहनों की संख्या बढ़ने से जाम और पार्किंग की समस्या लगातार गंभीर होती रही है। इसे देखते हुए सरकार ने उपलब्ध भूमि और स्थानीय जरूरत के आधार पर सतही, बहुमंजिला और स्वचालित पार्किंग विकसित करने की योजना पर काम किया है।
आवास विभाग के अनुसार अब तक सबसे अधिक 1087 वाहनों की पार्किंग क्षमता अल्मोड़ा जिले में विकसित की गई है। नैनीताल में 679, चंपावत में 600, उत्तरकाशी में 477, पिथौरागढ़ में 309 और रुद्रप्रयाग में 304 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग बनाई गई है। इसी तरह पौड़ी में 256, चमोली में 201, टिहरी में 163 और बागेश्वर में 126 वाहनों की पार्किंग क्षमता विकसित हुई है। इन सभी जिलों की कुल क्षमता 4202 वाहन है।
नैनीताल में 700 वाहनों की नई पार्किंग
पर्यटन सीजन में पार्किंग की गंभीर समस्या से जूझने वाले नैनीताल में मेट्रोपोल होटल परिसर क्षेत्र में नई पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है। इसके तैयार होने पर करीब 700 वाहनों को खड़ा करने की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे शहर के भीतर सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कैंची धाम में बहुमंजिला पार्किंग
कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए 500 से अधिक वाहनों की क्षमता वाली बहुमंजिला पार्किंग बनाई जा रही है। विशेष अवसरों और पर्यटन सीजन में यहां बड़ी संख्या में वाहन पहुंचने के कारण यातायात प्रबंधन प्रशासन के लिए चुनौती बना रहता है।
आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार के अनुसार पर्वतीय जिलों में 63 पार्किंग परियोजनाएं पूरी होने से पर्यटकों, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए पार्किंग सुविधाओं में वृद्धि हुई है। विभाग अब अधिक यातायात दबाव वाले पर्यटन और तीर्थस्थलों में पार्किंग नेटवर्क के विस्तार पर काम कर रहा है।
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