चीन-नेपाल सीमा से सोशल मीडिया तक सुरक्षा निगरानी बढ़ाएगी उत्तराखंड पुलिस
आतंकवाद, घुसपैठ और डीपफेक पर विशेष सतर्कता, एटीएस को आधुनिक बनाने के निर्देश
देहरादून, 15 सितम्बर। उत्तराखंड पुलिस ने आतंकवाद, अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा, आगामी विधानसभा चुनाव, कुंभ और बड़े धार्मिक आयोजनों को देखते हुए सुरक्षा तथा खुफिया तंत्र को और मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। चीन और नेपाल सीमा से लगे जिलों में संदिग्ध गतिविधियों और घुसपैठ पर नजर बढ़ाने के साथ ही सोशल मीडिया की चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी। भ्रामक सूचनाओं, छेड़छाड़ किए गए वीडियो और डीपफेक के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिशों पर भी तत्काल कार्रवाई और तथ्य-जांच के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने मंगलवार को अभिसूचना एवं सुरक्षा मुख्यालय में विभाग के कामकाज की समीक्षा करते हुए आतंकवाद निरोधी व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर संचालित आतंकवाद निरोधी नीति ‘प्रहार’ को प्रभावी ढंग से धरातल पर लागू करने को कहा। केंद्र की राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति और रणनीति के अनुरूप आतंकवाद के बदलते स्वरूप से निपटने के लिए विशेष तैयारी करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को कट्टर बनाने संबंधी सूचनाओं और उसके सहयोगियों की देश के विभिन्न हिस्सों में हुई गिरफ्तारियों पर भी चर्चा हुई। डीजीपी ने सभी जिलों को ऐसे मामलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा। राज्य के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े राज्यों के सफल अभियानों और कार्यप्रणाली का अध्ययन कर उत्तराखंड में भी उच्च पेशेवर मानकों को अपनाने के निर्देश दिए गए।
चीन और नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे जिलों की सुरक्षा को लेकर आईटीबीपी, एसएसबी, सेना, आईबी, राज्य पुलिस और एटीएस के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय अंतर-एजेंसी समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों, सीमा पार घुसपैठ और राष्ट्रविरोधी तत्वों की आवाजाही से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान तथा संयुक्त कार्रवाई की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
डीजीपी ने राज्य में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या तथा चारधाम यात्रा को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाए रखने को कहा। आगामी कुंभ और अन्य बड़े धार्मिक आयोजनों के लिए अभी से ठोस सुरक्षा कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। विधानसभा चुनाव और विशिष्ट व्यक्तियों के प्रस्तावित कार्यक्रमों को देखते हुए मुख्यमंत्री की सुरक्षा सहित कानून-व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों की भी समीक्षा की गई। इसके लिए आवश्यक जनशक्ति, तकनीकी उपकरण और अन्य संसाधन समय रहते जुटाने को कहा गया।
आगामी विधानसभा चुनाव, कुंभ और धार्मिक आयोजनों के दौरान फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप समूहों सहित सोशल मीडिया मंचों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सांप्रदायिक और अन्य संवेदनशील मामलों में भ्रामक खबर, अफवाह, छेड़छाड़ किए गए वीडियो या डीपफेक सामने आने पर पुलिस तत्काल तथ्य-जांच कर आधिकारिक खंडन जारी करेगी, ताकि गलत सूचना को फैलने से पहले रोका जा सके।
राज्य स्थापना दिवस, नवरात्र, दशहरा और दीपावली सहित आगामी पर्वों के दौरान भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया। राष्ट्रपति द्वारा उत्तराखंड पुलिस को प्रदान किए गए विशिष्ट प्रतीक चिह्न के लिए प्रस्तावित ‘प्रेसिडेंट पुलिस कलर सेरेमनी’ की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, आईजी एसटीएफ नीलेश आनन्द भरणे, आईजी कार्मिक सुनील कुमार मीणा, आईजी पी एंड एम/मुख्यालय बरिंदरजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक अभिसूचना मणिकांत मिश्रा, पुलिस अधीक्षक सुरक्षा/एटीएस सरिता डोबाल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी जिलों के अभिसूचना प्रभारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
