पांच साल बाद भी नावेतल्ली सड़क के दूसरे चरण का इंतजार

रिखणीखाल, 4 अक्टूबर (प्रभुपाल रावत)। लैंसडौन विधानसभा क्षेत्र के नावेतल्ली गांव को सड़क से जोड़ने के लिए प्रथम चरण का काम शुरू हुए करीब पांच साल होने को हैं, लेकिन अब तक दूसरे चरण का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। इससे ढाई किलोमीटर लंबे संपर्क मार्ग की स्थिति लगातार खराब हो रही है और ग्रामीणों को वाहनों की आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नावेतल्ली गांव द्वारी-भौन मोटर मार्ग से करीब 2.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए संपर्क मार्ग के प्रथम चरण का निर्माण 25 दिसंबर 2021 को शुरू किया गया था। यह कार्य 2022 के विधानसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होने से महज नौ दिन पहले शुरू हुआ था। प्रथम चरण में सड़क कटान तो कर दिया गया, लेकिन उसके बाद दूसरे चरण का काम आगे नहीं बढ़ पाया।

ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से निर्माण अधूरा रहने के कारण सड़क पर कई स्थानों पर मलबा और बड़े-बड़े पत्थर जमा हैं। इससे गैस सिलेंडर वितरण वाहन, राशन और सब्जी के वाहन, भवन निर्माण सामग्री ले जाने वाले भारी वाहनों तथा शादी-विवाह के दौरान बसों की आवाजाही में दिक्कत होती है।
सड़क के दूसरे चरण में सुरक्षा दीवार, स्कपर, नाली, पुलिया और सड़क चौड़ीकरण सहित अन्य आवश्यक निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं। इन कार्यों के पूरा होने के बाद ही संपर्क मार्ग नियमित और सुरक्षित यातायात के योग्य बन सकेगा।
ग्रामीणों के अनुसार इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड लैंसडौन से कई बार संपर्क किया जा चुका है। विभाग की ओर से कभी दूसरे चरण का आगणन तैयार कर शासन को भेजे जाने तो कभी लागत बढ़ने के कारण उसका पुनर्निर्धारण कर दोबारा भेजे जाने की जानकारी दी जाती रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ अवसरों पर सड़क के प्राथमिकता में नहीं होने की बात भी कही गई।
लगातार लंबित निर्माण को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि केवल सड़क कटान कर देने से गांव को वास्तविक सड़क सुविधा नहीं मिल सकती। सड़क का रखरखाव, मरम्मत, जल निकासी और सुरक्षा संबंधी निर्माण भी जरूरी हैं।
वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ग्रामीणों को एक बार फिर सड़क के दूसरे चरण का निर्माण शुरू होने की उम्मीद जगी है। उनका कहना है कि जिस संपर्क मार्ग का काम पिछले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शुरू हुआ था, कम से कम अगले चुनाव से पहले उसे पूर्ण सड़क का स्वरूप मिलना चाहिए।
