Front Page

चम्पावत में पहली बार कैबिनेट बैठक, सीमांत क्षेत्रों तक शासन पहुंचाने की पहल

बनबसा (चम्पावत), 4 अक्टूबर। उत्तराखंड सरकार ने शासन को देहरादून से बाहर प्रदेश के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक ले जाने की दिशा में नई पहल की है। इसी क्रम में रविवार को भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की जा रही है। चम्पावत जिले में राज्य मंत्रिमंडल की यह पहली बैठक है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल की बैठकें अब केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी। भविष्य में प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी कैबिनेट बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि स्थानीय समस्याओं, विकास की संभावनाओं और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को सीधे शासन के स्तर पर समझा जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्र केवल राज्य की भौगोलिक सीमाएं नहीं हैं, बल्कि सुरक्षा, संस्कृति और विकास की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। सरकार की प्राथमिकता सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ वहां आधारभूत सुविधाओं, रोजगार, पर्यटन और संपर्क सुविधाओं को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में मंत्रिमंडल की बैठकें आयोजित करने से सरकार को स्थानीय परिस्थितियों और जन अपेक्षाओं को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा। इससे क्षेत्र विशेष की विकास संबंधी जरूरतों पर तेजी से निर्णय लेने में भी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शासन को जनता के और करीब ले जाना है। राज्य के प्रत्येक क्षेत्र का संतुलित विकास सरकार की प्रतिबद्धता है और सीमांत गांवों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक विकास की गति को समान रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।
बनबसा में मंत्रिमंडल की बैठक का आयोजन इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है कि यह क्षेत्र भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़ा है। सरकार इस पहल के जरिए सीमांत क्षेत्रों के विकास और वहां की स्थानीय आवश्यकताओं को शासन की प्राथमिकताओं में प्रमुखता देने का संदेश देना चाहती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!