सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग रंजना राजगुरु ने राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल का किया निरीक्षण
*राजस्व एवं आयुष विभाग के कार्यों की समीक्षा कर समयबद्ध निस्तारण, डिजिटाइजेशन और जनसमस्याओं के समाधान में तेजी लाने के दिए निर्देश*
उत्तरकाशी, 16 अक्टूबर। सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग तथा आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद श्रीमती रंजना राजगुरु ने जिला भ्रमण के दौरान राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, व्यवस्थाओं एवं मरीजों को प्रदान की जा रही सेवाओं का जायजा लिया। निरीक्षण से पूर्व उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर एवं शक्ति माता मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। अस्पताल निरीक्षण के दौरान उन्होंने दवाओं की उपलब्धता एवं स्टॉक की स्थिति की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को प्रतिदिन दवाओं के स्टॉक की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सचिव ने चिकित्सकों की उपस्थिति एवं उनकी संख्या, दैनिक ओपीडी की स्थिति तथा मरीजों से फीडबैक लेकर स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली तथा पुरुष एवं महिला पंचकर्म कक्षों, वार्डों, योग कक्ष तथा ओपीडी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के साथ ही अस्पताल में कैंटीन की उपलब्धता के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता, चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति तथा आयुर्वेदिक उपचार एवं पंचकर्म सहित सभी स्वास्थ्य सेवाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान जिला अस्पताल परिसर में स्थित राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया।
इसके पश्चात् सचिव ने जिला सभागार में राजस्व विभाग, आयुष विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी लाने और अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आईगॉट कर्मयोगी पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षण लेकर अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में एग्रीस्टैक एवं फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की जानकारी लेते हुए कार्यों को समय पर पूरा करने तथा पटवारी चौकी धौंतरी, गड़ूगाड़ एवं कानूनगो चौकी डुंडा की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली साथ ही राजस्व विभाग के निर्माणाधीन भवनों की प्रगति की समीक्षा करते हुए पूर्ण हो चुके कार्यों की उपयोगिता प्रमाण पत्र जल्द भेजने के निर्देश दिए।
सचिव ने राजस्व विभाग के कार्यों में डिजिटाइजेशन को बढ़ावा देने, ई–ऑफिस का संचालन सुनिश्चित करने, सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत निर्धारित समय सीमा में सेवाएं उपलब्ध कराने तथा सीएम हेल्पलाइन 1905 पर प्राप्त शिकायतों की नियमित समीक्षा कर उनका समय पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले प्रमाण पत्रों की जांच में विशेष सतर्कता बरतने और सीएससी केंद्रों के माध्यम से गलत दस्तावेज या जानकारी अपलोड किए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमित रूप से क्षेत्र में जाकर निरीक्षण एवं समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए।
इस दौरान जिला कार्यालय परिसर का निरीक्षण कर विभिन्न पटलों पर किए जा रहे कार्यों की जानकारी और कार्यालय में दस्तावेजों के रखरखाव को व्यवस्थित रखने और अभिलेखों को सही ढंग से सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। जिला मुख्यालय स्थित स्मार्ट कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली का भी जायजा लिया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, संयुक्त संचालक चकबंदी राजस्व बोर्ड नरेश चंद दुर्गापाल, उपजिलाधिकारी शालिनी नेगी, बृजेश कुमार तिवारी, मुकेश चंद रमोला, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. रत्नमणि भट्ट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

