पर्यावरण

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण रोकने के लिए एनएचएआई ने बढ़ाए धूल नियंत्रण उपाय

 

नई दिल्ली, 22 अक्टूबर। सर्दियों की शुरुआत के साथ दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर धूल नियंत्रण तथा यातायात सुगम बनाने के उपाय तेज कर दिए हैं। इसके लिए आधुनिक उपकरणों के साथ 900 से अधिक कर्मचारियों को तैनात किया गया है।

सड़क पर उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए लगभग 60 जल छिड़काव वाहन और टैंकर, 14 एंटी-स्मॉग गन, 23 यांत्रिक सड़क सफाई मशीनें तथा ट्रैक्टर पर लगे दो सफाई उपकरण तैनात किए गए हैं। इसके अतिरिक्त दिल्ली-एनसीआर में राष्ट्रीय राजमार्गों के 157 किलोमीटर लंबे हिस्से पर 13 यांत्रिक सफाई मशीनें संचालित की जा रही हैं।

एनएचएआई के तकनीकी सदस्य आलोक दीपांकर ने प्रदूषण नियंत्रण उपायों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी उपकरणों और कर्मचारियों की प्रभावी तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नियमित जल छिड़काव, एंटी-स्मॉग गन के संचालन और प्रतिदिन सड़कों की यांत्रिक सफाई पर विशेष जोर दिया।

अधिकारियों को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। इनमें निर्माण सामग्री को ढककर रखना, सड़कों को धूलमुक्त बनाए रखना तथा प्रदूषण की गंभीरता के अनुसार लागू क्रमिक प्रतिक्रिया कार्ययोजना के प्रावधानों का पालन करना शामिल है। सभी संबंधित अधिकारियों को दैनिक गतिविधियों की निगरानी करने और भौगोलिक स्थिति अंकित तस्वीरों सहित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्राधिकरण के अनुसार पर्यावरण संरक्षण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 9.52 लाख पौधे लगाने के लक्ष्य के मुकाबले लगभग 9.80 लाख पौधे लगाए गए। इनमें 90 प्रतिशत से अधिक पौधों के जीवित रहने का दावा किया गया है।

इसके अतिरिक्त दिल्ली के कूड़ा निस्तारण स्थलों से लगभग 13.58 लाख टन निष्क्रिय अपशिष्ट सामग्री का उपयोग शहरी विस्तार सड़क-दो और डीएनडी-सोहना गलियारे के तटबंध निर्माण में किया गया है। इससे कचरे के पुनः उपयोग और प्राकृतिक निर्माण सामग्री की खपत कम करने में मदद मिली है।

समीक्षा बैठक में शहरी विस्तार सड़क-दो, द्वारका एक्सप्रेसवे, डीएनडी-सोहना एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जैसी प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। इन परियोजनाओं का उद्देश्य यातायात जाम कम करना और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कमी लाना है।

एनएचएआई ने अधिकारियों को यातायात सुगम बनाने वाली परियोजनाओं में तेजी लाने तथा ग्रीन दिल्ली ऐप और सामाजिक माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।

हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के कई स्रोत हैं। सड़क की धूल और यातायात से होने वाले उत्सर्जन को नियंत्रित करना प्रदूषण घटाने की व्यापक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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