भारतीय डाक ने रचा इतिहास: लगातार दो तिमाहियों में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व
The Department of Posts has achieved a historic milestone by crossing the ₹4,000 crore quarterly revenue mark for two consecutive quarters for the first time. The Department recorded revenue of ₹8,212.7 crore during the first half of FY 2026-27 (April-September 2026), registering a year-on-year growth of 24% over ₹6,636 crore in the corresponding period of the previous financial year.
नयी दिल्ली, 22 अक्टूबर । डाक विभाग ने लगातार दो तिमाहियों में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का तिमाही राजस्व अर्जित करके एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। विभाग ने वित्त वर्ष 2026-27 (अप्रैल-सितंबर 2026) की पहली छमाही में 8,212.7 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया। ये पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में अर्जित 6,636 करोड़ रुपये की तुलना में 24 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर्शाता है।

(बाएं से दाएं) सुश्री मनीषा सिन्हा, महानिदेशक डाक सेवा (डीजीपीएस); डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, केंद्रीय संचार और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री; श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, केंद्रीय संचार और उत्तरपूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री; और श्री सुब्रत दास, सचिव (डाक), नई दिल्ली में आयोजित दूसरी तिमाही की समीक्षा बैठक के दौरान
केन्द्रीय संचार एवं उत्तरपूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज नई दिल्ली में दूसरी तिमाही की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चन्द्र शेखर पेम्मासानी, सचिव (डाक) श्री सु्ब्रत दास, डाक सेवा बोर्ड के सदस्य, सभी डाक परिमंडलों के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल तथा डाक निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
डाक विभाग ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2026) में 4,201.5 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। यह पिछले वर्ष की इसी तिमाही की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है। साथ ही, पहली तिमाही की तुलना में इसमें 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
व्यावसायिक क्षेत्रों में वृद्धि
विभाग के सभी छह व्यावसायिक क्षेत्रों में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में वृद्धि दर्ज की गई। पीएलआई/आरपीएलआई में 44 प्रतिशत, डाक सामग्री में 36 प्रतिशत, डाकघर बचत बैंक (पीओएसबी) में 18 प्रतिशत, आईआर और जीबी में 38 प्रतिशत और पार्सल में 71 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
पार्सल क्षेत्र ने दूसरी तिमाही में 318.9 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। केरल, उत्तर पूर्व, उत्तर प्रदेश और बिहार ने अपने तिमाही लक्ष्यों को पार किया। पहली तिमाही की तुलना में डॉक सामग्री से प्राप्त राजस्व में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इस दौरान 12 परिमंडलों ने दूसरी तिमाही के अपने लक्ष्य हासिल किए या उनसे अधिक उपलब्धि दर्ज की। पीओएसबी ने 1,987 करोड़ रुपये का योगदान दिया, जबकि पीएलआई/आरपीएलआई ने अपने तिमाही लक्ष्य का 92 प्रतिशत हासिल किया।
डाक परिमंडलों का प्रदर्शन और परिचालन दक्षता
सात डाक डाक परिमंडलों ने दूसरी तिमाही के अपने आनुपातिक लक्ष्यों का 90 प्रतिशत या उससे अधिक हासिल किया। बिहार 97.15 प्रतिशत उपलब्धि के साथ शीर्ष पर रहा, इसके बाद पश्चिम बंगाल 97.07 प्रतिशत और उत्तरपूर्व परिमंडल ने 94.79 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की। पहली छमाही पश्चिम बंगाल परिमंडल 95.72 प्रतिशत उपलब्धि के साथ पहले स्थान पर रहा। बिहार ने 95.12 प्रतिशत और आंध्र प्रदेश ने 94.63 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की।
कुल 23 डाक परिमंडलों में से 18 ने पहली तिमाही की तुलना में अपने लक्ष्य प्राप्ति प्रदर्शन में सुधार किया। पेंशन व्यय सहित कुल व्यय लागत अनुपात 42 प्रतिशत और पेंशन व्यय को छोड़कर यह अनुपात 62 प्रतिशत रहा। बाईस परिमंडलों ने पहली तिमाही की तुलना में अपने व्यय लागत अनुपात में सुधार किया।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले डाक परिमंडलों को सम्मान
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) में अपने-अपने अनुपातिक व्यावसायिक लक्ष्यों के मुकाबले उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आंध्र प्रदेश डाक परिमंडल को सम्मानित किया गया। दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2026) के लिए बिहार डाक परिमंडल को सम्मान प्रदान किया गया। बिहार परिमंडल ने 97.15 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की। पश्चिम बंगाल परिमंडल 97.07 प्रतिशत और उत्तर पूर्व परिमंडल 94.79 प्रतिशत के साथ उसके निकट रहे। इन परिमंडलों का प्रदर्शन लक्षित व्यावसायिक प्रयासों और विभाग के राजस्व उद्देश्यों की दिशा में हुई प्रगति को दर्शाता है। यह सम्मान निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन, प्रभावी व्यवसायिक नियोजना तथा सभी डाक परिमंडलों में राजस्व सृजन को सुदृढ करने के सतत प्रयासों के महत्व को भी रेखांकित करता है।
मंत्रियों ने सतत विकास पर दिया जोर

केंद्रीय संचार और उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने इस उपलब्धि के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने नए ग्राहकों को जोड़ने, सेवाओं में उत्कृष्टता लाने और मौजूदा ग्राहकों को बनाए रखने के माध्यम से विकास की गति बरकरार रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कोरोबार में अधिक विविधता लाने नेतृत्व को मजबूत करने, नवाचार को बढावा देने और ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बडे पैमाने पर कारोबार करने वाले ग्राहकों के लिए लचीली मूल्य निर्धारण व्यवस्था लागू करने पर भी जोर दिया। मंत्री महोदय ने ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने, परिचालन दक्षता बढाने और विभाग की प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत करने के लिए भारतीय डाक की सेवाओं के डिजिटलीकरण में तेजी लाने की आवश्यकता पर बल दिया।
केंद्रीय संचार और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने भारतीय डाक की व्यापक विकास क्षमता को रेखांकित किया। उन्होंने कार्यबल को सशक्त बनाने, जवाबदेही सुनिश्चित करने और सेवा वितरण में सुधार लाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने पार्सल वितरण में होने वाली देरी दूर करने और ग्राहकों की संतुष्टि बढ़ाने के लिए मानकीकृत प्रक्रियाएं अपनाने तथा वास्तविक समय में निगरानी की व्यवस्था मजबूत करने का आह्वान किया।
दोनों मंत्रियों ने डाक परिमंडलों को निर्देश दिया कि वे त्योहारों और पार्सल कारोबार के व्यस्ततम सीजन के दौरान विकास की गति बनाए रखने, पार्सल तथा आईआर एवं जीबी को मजबूत करें। राज्य सरकारों के सहयोग से नागरिक-केंद्रित सेवाओं के विस्तार में तेजी लाएं और व्यय में अनुशासन बनाए रखें। बैठक में निम्नलिखित क्षेत्रों पर आधारित क्लस्टर-आधारित दृष्टिकोण अपनाने पर भी जोर दिया गया – कृषि-लॉजिस्टिक्स और अंतर्राष्ट्रीय कारोबार; एमएसएमई, ओडीओपी और पर्यटन; तथा नागरिक-केंद्रित सेवाएं, वित्तीय समावेशन, बीमा और ग्रामीण लॉजिस्टिक्स। जन सेवा की भावना से प्रेरित होकर डाक विभाग नए व्यावसायिक अवसरों का लाभ उठाने, परिचालन दक्षता बढ़ाने और वित्तीय स्थिरता हासिल करने की दिशा में अपने व्यापक नेटवर्क तथा कार्यबल की क्षमता का उपयोग करेगा।

