शीतकालीन यात्रा की तैयारियां तेज, भूस्खलन प्रभावित मार्गों पर विशेष नजर
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में अब तक रिकॉर्ड 18.41 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
उत्तरकाशी, 27 अक्टूबर। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में मानसून के बाद श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने यात्रा व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने के साथ ही शीतकालीन यात्रा की तैयारियां तेज कर दी हैं। विशेष रूप से भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने संबंधित विभागों और निर्माण एजेंसियों को यात्रा मार्गों की नियमित निगरानी करने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि मानसून के दौरान भूस्खलन से प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में संबंधित एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं। यात्रा मार्गों पर किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न होने की स्थिति में यातायात शीघ्र बहाल करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभागों को आवश्यक सुविधाएं बनाए रखने और आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। शीतकालीन यात्रा की तैयारियां भी समय से पूरी करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
इस वर्ष गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं के आगमन का नया रिकॉर्ड बना है। जिला प्रशासन के अनुसार 26 अक्टूबर तक दोनों धामों में कुल 18.41 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। यह अब तक की सर्वाधिक संख्या है। मानसून के बाद यात्रा के दूसरे चरण में श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।
जिला प्रशासन का कहना है कि दोनों धामों और उनसे जुड़े यात्रा मार्गों पर आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखी जा रही हैं। संबंधित विभागों को सड़क मार्गों की स्थिति पर निरंतर नजर रखने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। आगामी शीतकालीन यात्रा के दौरान भी श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।

