मुख्यमंत्री के दौरे से चमकी सड़कें, वर्षों से उपेक्षित हवाई पट्टी की भी सुध
**जनता की शिकायतों पर नहीं हुआ काम, मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना मिलते ही हरकत में आया प्रशासन**
— दिग्पाल गुसाईं की रिपोर्ट —
गौचर, 27 अक्टूबर। भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में आयोजित दो दिवसीय विधानसभा सत्र के बहाने क्षेत्र की कई ऐसी समस्याओं का समाधान होने लगा, जिनके लिए स्थानीय लोग लंबे समय से शासन-प्रशासन से गुहार लगा रहे थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आगमन की सूचना मिलते ही सड़क से लेकर हवाई पट्टी तक की साफ-सफाई और मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू हो गया। प्रशासन की इस सक्रियता ने लोगों को यह सोचने पर विवश कर दिया कि काश, इसी तरह मुख्यमंत्री और अन्य विशिष्ट व्यक्तियों का क्षेत्र में लगातार आवागमन होता रहता तो जनता को मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए वर्षों तक इंतजार नहीं करना पड़ता।
चमोली जिले के गौचर में करीब 26 वर्ष पहले बनाई गई हवाई पट्टी सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। लेकिन विडंबना यह है कि इतने वर्षों बाद भी यहां से नियमित हवाई जहाज सेवा शुरू नहीं हो सकी। उचित देखरेख के अभाव में हवाई पट्टी के चारों ओर झाड़ियों का जंगल उग आया था। लंबे समय से उपेक्षित इस हवाई पट्टी की भी अचानक सुध ली गई और मुख्यमंत्री के दौरे से दो दिन पहले मशीनों की सहायता से झाड़ियों की सफाई शुरू कर दी गई।
कुछ ऐसा ही नजारा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी देखने को मिला। राजमार्ग पर जगह-जगह बने गड्ढे लंबे समय से दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे थे। स्थानीय जनप्रतिनिधि और व्यापारी इनकी मरम्मत के लिए लगातार मांग कर रहे थे, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। जैसे ही राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड को मुख्यमंत्री के रुद्रप्रयाग से सड़क मार्ग द्वारा भराड़ीसैंण जाने के कार्यक्रम की जानकारी मिली, राजमार्ग के गड्ढे भरने का काम तेजी से शुरू हो गया।
इतना ही नहीं, बिजली और पेयजल जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त करने की कवायद तेज हो गई। मुख्यमंत्री के आगमन से पहले राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर खड़े उन वाहनों को भी हटा दिया गया, जिनसे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी। जिन समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय लोग लंबे समय से मांग कर रहे थे, उनके निस्तारण में प्रशासन की अचानक दिखाई गई तत्परता क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की इस सक्रियता से एक बात स्पष्ट हो गई है कि समस्याओं का समाधान असंभव नहीं था, बल्कि उनके प्रति गंभीरता और इच्छाशक्ति का अभाव था। यदि सामान्य दिनों में भी अधिकारी इसी तत्परता से काम करें तो जनता को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
गौचर व्यापार संघ के अध्यक्ष राकेश लिंगवाल का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटनाओं का कारण बन रहे गड्ढों को भरने के लिए प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम के अधिकारियों से कई बार अनुरोध किया गया, लेकिन किसी ने उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया। अब मुख्यमंत्री के दौरे की सूचना मिलते ही गड्ढे भर दिए गए और अन्य व्यवस्थाएं भी दुरुस्त होने लगीं।
लिंगवाल ने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री के आगमन पर इतनी तेजी से काम हो सकता है तो आम जनता की शिकायतों पर यही तत्परता क्यों नहीं दिखाई जाती? उनका कहना है कि इससे ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन जनता की समस्याओं के प्रति जवाबदेह होने के बजाय केवल विशिष्ट व्यक्तियों के दौरों को लेकर सक्रिय होता है।
विधानसभा सत्र के बहाने क्षेत्र की व्यवस्थाओं में आए इस बदलाव से लोगों को राहत तो मिली है, लेकिन इसके साथ ही एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया है कि क्या आम जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हर बार मुख्यमंत्री या किसी अन्य विशिष्ट व्यक्ति के दौरे का इंतजार करना पड़ेगा?

