कर्णप्रयाग के मवाणाधार में खाई से पुलिसकर्मी का शव बरामद, छह दिन से थे लापता
सड़क का पुश्ता टूटने और सुरक्षा इंतजाम नहीं होने पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
गौचर, 29 अक्टूबर (दिग्पाल गुसाईं)।कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मोटर मार्ग पर आईटीआई के समीप मवाणाधार में सड़क से नीचे गहरी खाई में एक पुलिसकर्मी का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान बणसोली गांव निवासी 45 वर्षीय वीरेंद्र सिंह नेगी के रूप में हुई है। वह पुलिस विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे और वर्तमान में गोविंदघाट थाने में तैनात थे। नेगी 23 अक्टूबर से लापता चल रहे थे। उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।
जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों ने मवाणाधार के समीप सड़क से नीचे गहरी खाई में एक व्यक्ति का शव देखा। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) और जिला आपदा प्रतिवादन बल (डीडीआरएफ) की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव दल ने स्थानीय लोगों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद शव को खाई से बाहर निकाला। शिनाख्त होने पर मृतक की पहचान वीरेंद्र सिंह नेगी के रूप में हुई।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस क्षेत्राधिकारी कर्णप्रयाग त्रिवेंद्र सिंह राणा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि गोविंदघाट थाने में कार्यरत वीरेंद्र सिंह नेगी की ड्यूटी भराड़ीसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र के लिए लगाई गई थी। वह 23 अक्टूबर से लापता थे। इसके बाद से पुलिस और परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे।
इधर, घटना के बाद स्थानीय लोगों ने कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मोटर मार्ग की बदहाल स्थिति और सुरक्षा इंतजामों की कमी को लेकर लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य कनखुल भगवान कण्डवाल ने आरोप लगाया कि मोटर मार्ग की बदहाली के संबंध में लोक निर्माण विभाग गौचर को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि सड़क की उपेक्षा के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस स्थान पर शव बरामद हुआ है, वहां सड़क का पुश्ता टूटा हुआ है। इसके बावजूद दुर्घटना की आशंका वाले इस स्थान पर न तो चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। ग्रामीणों ने मार्ग के अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी सुरक्षा दीवारों और चेतावनी संकेतकों की व्यवस्था करने की मांग की है।
हालांकि, वीरेंद्र सिंह नेगी की मौत सड़क दुर्घटना के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह है, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। घटना की वास्तविक परिस्थितियां पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।

