‘बुके नहीं, बुक’ अभियान की शिक्षा सचिव ने की सराहना

गौचर, 30 अक्टूबर (गुसाईं)। चमोली जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत की पहल पर संचालित ‘बुके नहीं, बुक’ अभियान की विद्यालयी शिक्षा सचिव ज्योति यादव ने सराहना की है। गौचर पहुंचने पर मुख्य शिक्षा अधिकारी ने शिक्षा सचिव को श्रीमद्भगवद्गीता भेंट कर उनका स्वागत किया।
इस अवसर पर शिक्षा सचिव ज्योति यादव ने कहा कि ‘बुके नहीं, बुक’ अभियान पुस्तकों के महत्व को रेखांकित करने के साथ ही समाज में ज्ञान, अध्ययन और सकारात्मक चिंतन को प्रोत्साहित करने की सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि पुस्तकों के माध्यम से सम्मान की परंपरा विकसित करना एक सार्थक प्रयास है। मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने शहरी विकास एवं सूचना प्रौद्योगिकी सचिव नितेश कुमार झा तथा ग्राम्य विकास विभाग के अपर सचिव मनोज गोयल का भी श्रीमद्भगवद्गीता भेंट कर स्वागत किया।
मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने बताया कि सामान्यतः अतिथियों के स्वागत और सम्मान में फूलों के गुलदस्ते भेंट किए जाते हैं, जो कुछ समय बाद मुरझा जाते हैं, जबकि पुस्तक ज्ञान, विचार और अनुभवों का ऐसा भंडार है, जिसका लाभ लंबे समय तक मिलता रहता है। इसी सोच के साथ जिले में ‘बुके नहीं, बुक’ अभियान प्रारंभ किया गया है।
उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग से जुड़े कार्यालयों और विद्यालयों में आयोजित समारोहों, प्रतियोगिताओं तथा सम्मान कार्यक्रमों में फूलों के गुलदस्तों के स्थान पर पुस्तकें भेंट करने की परंपरा विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इस संबंध में जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और उप शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी जारी किए गए हैं।
सारस्वत ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल स्वागत और सम्मान की परंपरा में बदलाव लाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों, शिक्षकों और समाज के अन्य वर्गों में अध्ययन की संस्कृति को बढ़ावा देना भी है। पुस्तकों के आदान-प्रदान से उपयोगी साहित्य के प्रति रुचि बढ़ेगी और लोगों को नियमित अध्ययन की प्रेरणा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता जैसी ज्ञानवर्धक पुस्तक भेंट करने की परंपरा भारतीय ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना को भी मजबूत करती है। शिक्षा सचिव द्वारा अभियान की सराहना किए जाने से इस पहल को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का प्रोत्साहन मिला है।

