क्षेत्रीय समाचार

सिमली बेस अस्पताल की मांग को लेकर छठे दिन भी धरना जारी, पूर्व विधायक ने वर्तमान विधायक को घेरा

 

अस्पताल का शासनादेश जारी किए बिना बोर्ड लगाने पर उठाए सवाल, गैरसैंण में विकास कार्यों की उपेक्षा का भी लगाया आरोप

गौचर, 30 अक्टूबर (गुसाईं)। सिमली में बेस अस्पताल की स्थापना की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों का धरना शुक्रवार को छठे दिन भी जारी रहा। धरनास्थल पर पहुंचे कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के पूर्व भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने आंदोलन को समर्थन देते हुए अस्पताल की वर्तमान स्थिति के लिए मौजूदा विधायक अनिल नौटियाल को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और विकास योजनाओं को लेकर जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण जनता को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

सिमली में बेस अस्पताल की मांग लंबे समय से की जा रही है। वर्ष 2012 में तत्कालीन विधायक स्वर्गीय अनुसूया प्रसाद मैखुरी के प्रयासों से यहां महिला बेस अस्पताल की स्थापना की गई थी। इसके बाद से क्षेत्रवासी इसे पूर्ण सुविधायुक्त बेस अस्पताल के रूप में विकसित करने की मांग करते आ रहे हैं। नौ नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विधायक अनिल नौटियाल के अनुरोध पर सिमली में बेस अस्पताल की घोषणा की थी। इससे क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी थी, लेकिन लगभग एक वर्ष बीतने के बावजूद इसका शासनादेश जारी नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।

आंदोलनकारियों का आरोप है कि शासनादेश जारी किए बिना ही महिला अस्पताल के स्थान पर बेस अस्पताल का बोर्ड लगा दिया गया। इससे क्षेत्रवासियों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। मांग पूरी कराने के लिए क्षेत्रवासियों ने सिमली से देहरादून तक लगभग 300 किलोमीटर की पैदल यात्रा भी की, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। इसके बाद उन्होंने सिमली में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।

शुक्रवार को धरनास्थल पर पहुंचे पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि वर्तमान विधायक ने अपने कार्यकाल में अस्पताल की समस्या के समाधान के लिए अपेक्षित प्रयास नहीं किए। उन्होंने पूर्व कांग्रेस विधायक स्वर्गीय अनुसूया प्रसाद मैखुरी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सिमली में महिला अस्पताल का शासनादेश जारी करवाकर स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास की आधारशिला रखी थी।

नेगी ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क किसी भी क्षेत्र के विकास के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने दावा किया कि अपने कार्यकाल में उन्होंने 37 सड़कों के शासनादेश जारी करवाए और 100 से अधिक विकास कार्यों की घोषणाएं करवाईं। सिमली अस्पताल को पूर्व विधायक मैखुरी के कार्यकाल में प्रतिवर्ष एक करोड़ रुपये मिलते थे। उनके अनुसार, विधायक बनने के बाद उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में अस्पताल के लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत करवाए, जिसके बाद भवनों का निर्माण संभव हो सका। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के चिकित्सालयों में एमबीबीएस चिकित्सकों की नियुक्तियां करवाने का भी दावा किया।

पूर्व विधायक ने गैरसैंण की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि ग्रीष्मकालीन राजधानी की परिकल्पना इसलिए की गई थी कि सरकार वर्ष में छह महीने यहां बैठकर काम करे, लेकिन अब विधानसभा के दो दिवसीय सत्र के नाम पर जनता के करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे जनता के पैसे से आयोजित होने वाली दो दिन की पिकनिक करार दिया।

नेगी ने दावा किया कि विकास के मामले में कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र राज्य की 70 विधानसभा सीटों में सबसे निचले पायदान पर पहुंच गया है। उन्होंने वर्तमान विधायक अनिल नौटियाल को विकास कार्यों पर खुली बहस की चुनौती देते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने सिमली बेस अस्पताल अथवा गैरसैंण में सचिवालय निर्माण के लिए प्रभावी पहल नहीं की। गैरसैंण में प्रस्तावित झील का निर्माण भी अधर में लटका हुआ है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में गैरसैंण में मिनी सचिवालय के निर्माण के लिए 53 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। इनमें से तीन करोड़ रुपये कार्यदायी संस्था को उपलब्ध भी कराए गए थे। इसके लिए पशुपालन विभाग की चार एकड़ भूमि संपत्ति विभाग को हस्तांतरित की जानी थी, लेकिन वर्षों बाद भी यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने सवाल उठाया कि नौकरशाही की उदासीनता और विकास योजनाओं में देरी के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है।

नेगी ने कहा कि सिमली तीन विधानसभा क्षेत्रों का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसलिए तीनों क्षेत्रों के विधायकों को मिलकर मुख्यमंत्री पर बेस अस्पताल की स्थापना के लिए दबाव बनाना चाहिए। उन्होंने महिला अस्पताल के स्थान पर बेस अस्पताल का बोर्ड लगाए जाने की जांच की मांग करते हुए पूछा कि शासनादेश के बिना यह बोर्ड किसके आदेश पर लगाया गया।

इस अवसर पर पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष जयकृत बिष्ट ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। कार्यक्रम का संचालन संघर्ष समिति के अध्यक्ष देवेंद्र नेगी ने किया।

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