थराली अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की मांग, 10 नवंबर से आंदोलन की चेतावनी
थराली, 3 नवंबर (हरेन्द्र बिष्ट)। पिंडर घाटी के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली में विशेषज्ञ चिकित्सकों, पर्याप्त चिकित्सकीय कर्मचारियों और आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था की मांग को लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। मांगें पूरी नहीं होने पर 10 नवंबर से अस्पताल परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा।
मंगलवार को नगर पंचायत थराली के पार्षद दिवाकर सिंह नेगी, भाजपा नेता कैलाश जोशी, संजय जोशी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य हरेंद्र सिंह बिष्ट, योगेश देवराड़ी और कृष्णा सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने उपजिलाधिकारी यशवीर सिंह से मुलाकात कर मुख्यमंत्री को संबोधित संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि पिंडर घाटी की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से थराली में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया गया था, लेकिन चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मचारियों और आवश्यक उपकरणों की कमी के कारण अस्पताल अपनी उपयोगिता साबित नहीं कर पा रहा है। जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि पर्याप्त उपचार सुविधाएं नहीं होने से अस्पताल महज रेफर केंद्र बनकर रह गया है। गंभीर मरीजों को उपचार के लिए अन्य अस्पतालों में भेजना पड़ता है। उनका दावा है कि समय पर समुचित उपचार नहीं मिलने से कई मरीजों की जान भी जा चुकी है।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि क्षेत्रीय जनता लंबे समय से अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधारने की मांग कर रही है, लेकिन शासन, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि इससे पहले एक प्रतिनिधिमंडल चमोली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से भी मिलकर समस्याओं के समाधान की मांग कर चुका है। इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए तो 10 नवंबर से शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू किया जाएगा।

