राजनीति

कांग्रेस का आरोप सरकार चलाने के भाजपा करती है मंत्रियों का कांग्रेस से आयात

 

देहरादून, 18 अगस्त। बागेश्वर उप चुनाव में कांग्रेस द्वारा आयातित  प्रत्याशी मैदान में उतारे जाने पर कांग्रेस प्रवक्ताओं ने चुटकी लेते हुए कहा कि  भाजपा ने सरकार चलाने के लिए कांग्रेस से 6 मंत्री आयात किये हैँ। अभी तक धामी कैबिनेट में कांग्रेस  मूल के उन मंत्रियों का बहुमत है जो भाजपा को साम्प्रदायिक  और गयी गुजरी समाज तोड़क पार्टी बताते रहे।

उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी एवं प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट ने संयुक्त बयान जारी करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को अपने गिरेबान में झांकने की सलाह दी है। बागेश्वर उपचुनाव में महेंद्र भट्ट बार-बार अपने बयानों के द्वारा उत्तराखंड कांग्रेस पर यह आरोप लगा रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी ने बागेश्वर उप चुनाव में जो प्रत्याशी उतारा है वह आम आदमी पार्टी से आयात किया गया है और कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं की अनदेखी की है, इस पर दसौनी ने कड़ा पलट वार किया है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर कॉंग्रेस  मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी और उनके सहयोगी शीशपाल सिंह् बिष्ट ने कहा कि
आज 6 सालों से भारतीय जनता पार्टी की सरकार प्रदेश में विद्यमान है और मंत्रिमंडल में आधा दर्जन से अधिक मंत्री पद पर आसीन लोग कांग्रेस से आयात किए हुए रहे है तो क्या इसका मतलब यह निकाला जाए की भारतीय जनता पार्टी के पास काबिल विधायकों का टोटा है या अपने विधायकों पर से उसका विश्वास उठ चुका है।

दसौनी ने कहा कि सतपाल महाराज, रेखा आर्य, सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा और कुछ और कांग्रेस के लोग जो 2017 से 2022 के बीच कैबिनेट में शोभायमान थे और तो और वर्तमान में भाजपा के 47 में से 15 से अधिक विधायक कांग्रेस पृष्ठभूमि के हैं उस पर महेंद्र भट्ट को क्या कहना है? दसौनी ने कहा की चंदन राम दास को भी भाजपा ने कांग्रेस से ही आयात किया था शायद महेंद्र भट्ट भूल रहे हैं।

इसी कड़ी में प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट ने कहा की महेंद्र भट्ट बताएं कि आखिर पिछले 6 सालों में प्रदेश में जितने भी उपचुनाव हुए हैं उसमें भाजपा ने परिवारवाद को पल्लवित पुष्पित करते हुए दिवंगत विधायकों के परिजनों पर ही दांव क्यों लगाया ?
बिष्ट ने कहा कि यदि भाजपा को अपने कार्यों और अपनी नीतियों पर इतना ही भरोसा था तो फिर किसी जमीनी कार्यकर्ता को जो कि वर्षों से पार्टी की सेवा कर रहा था उसको टिकट देने के बजाय परिजनों पर ही दांव क्यों लगाया जा रहा है। शीशपाल ने कहा कि पहले थराली उपचुनाव में दिवंगत मगन लाल शाह की धर्मपत्नी मुन्नी देवी को टिकट दिया गया सल्ट उपचुनाव में दिवंगत विधायक सुरेंद्र सिंह जीना के भाई महेश जीना को भाजपा ने टिकट दिया, पिथौरागढ़ में स्वर्गीय प्रकाश पंत की धर्मपत्नी चंद्रा पंत पर सहानुभूति का दांव खेला गया कैंट विधानसभा देहरादून में स्वर्गीय हरबंस कपूर की धर्मपत्नी सविता कपूर के सहारे चुनावी वैतरणी पार की गई और अब बागेश्वर में स्वर्गीय चंदन राम दास की धर्मपत्नी पार्वती दास को ही सहारा बनाया गया है।

दसोनी ने कहा की एक और प्रधानमंत्री मोदी लाल किले की प्राचीर से परिवारवाद पर चोट करने की बात कहते हैं वही उत्तराखंड बीजेपी अपने ही प्रधानमंत्री की कही हुई बात को अनसुना करते हुए उत्तराखंड में लगातार परिवारवाद को बढ़ावा दे रही है। दसौनी ने कहा कि महेंद्र भट्ट उत्तराखंड कांग्रेस के बारे में कुछ भी बोलने से पहले अपनी पार्टी में देखें क्योंकि उनका आयात वाला बयान तो उन पर ही उल्टा पड़ गया है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!