धर्म/संस्कृति/ चारधाम यात्रा

परेड ग्राउंड में बिखरी जौनसारी संस्कृति की छटा , मुख्यमंत्री धामी ने भी सरावोर हुए बयार में

-uttarakhandhimalaya.in

देहरादून, 4 दिसंबर। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को परेड ग्राउंड में जौनसार बावर पौराणिक सांस्कृतिक लोक कला मंच एंव सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित ठोउड़ा नृत्य एंव सांस्कृतिक महोत्सव में प्रतिभाग करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अध्यात्म और योग की भूमि होने के साथ-साथ संस्कृति, साहित्य और कला की भूमि भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्था द्वारा समय के साथ – साथ विलुप्त हो रही हमारी पारंपरिक वेष-भूषा एवं वाद्य यंत्र जैसी पौराणिक विधाओं को एक मंच प्रदान करने का प्रयास सराहनीय है। उन्होंने कहा कि पौराणिक संस्कृति पर आधारित दल के मुख्य-नृत्य-ढोल सागर, केदार वाच्छा, विरूडी, हारूल, तलवार जुड़ा नृत्य, गुड़िया रासो, मैंता, जौनसारी नाटी, ठोऊडा धनुष तीरकमान, नृत्य आदि प्रस्तुत करना संस्था की लोक संस्कृति के प्रति सजगता का द्योतक है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को हमारी विलुप्त होती लोक विरासत को संरक्षण प्रदान करने वाला तथा आने वाली पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति से परिचित कराने में मददगार भी बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन तथा सांस्कृतिक समारोह, निश्चित रूप् से हमारी आगामी पीढ़ी के लिए सामाजिक समरसता को प्रगाढ़ करने का कार्य करेगा। ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से हमारे राज्य के कलाकारों को भी एक मंच प्राप्त होता है और उनकी कला को प्रोत्साहन मिलता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्री कुन्दन सिंह चौहान, संस्थापक, जौनसार बावर पौराणिक सांस्कृतिक लोक कला मंच, श्री नरेश चौहान के साथ ही हिमाचल के लोक गायक श्री मोहन सिंह चौहान को सम्मानित किया।

कार्यक्रम में पर विधायक श्री दुर्गेश्वर लाल, ब्लाक प्रमुख कालसी श्री मठोर सिंह चौहान के साथ लोक कलाकार तथा स्थानीय लोग उपस्थित थे।

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