तेजी से बूढ़ा होता जा रहा है भारत : 2050 तक दोगुनी हो जाएगी बूढों के आबादी

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A good part of the world’s population is growing older, and India mirrors this trend as well. The reality, according to the United Nations Population Fund’s India Ageing Report 2023, is that the population above 60 years will double from 10.5% or 14.9 crore (as on July 1, 2022) to 20.8% or 34.7 crore by 2050.

 

नयी दिल्ली, 6 फरबरी। दुनिया की आबादी का एक बड़ा हिस्सा बूढ़ा हो रहा है और भारत की भी यही स्थिति है। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष की इंडिया एजिंग रिपोर्ट 2023 के अनुसार, वास्तविकता यह है कि 60 वर्ष से ऊपर की जनसंख्या 2050 तक 10.5% या 14.9 करोड़ (1 जुलाई, 2022 तक) से दोगुनी होकर 20.8% या 34.7 करोड़ हो जाएगी। 

भारत सरकार विभिन्न संवैधानिक प्रावधानों, जैसे भारत के संविधान का अनुच्छेद 41; माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 जैसे कानूनों और  बुजुर्गों से संबंधित राष्ट्रीय नीति, 1999 जैसी नीतियां; अटल वयो अभ्युदय योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, अटल पेंशन योजना, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना जैसी योजनाएं और कार्यक्रम के माध्यम से वृद्धजनों से जुड़ी चुनौतियो का सामना किया जा रहा है।

यह जानकारी मंगलवार को लोकसभा में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री सुश्री प्रतिमा भौमिक ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) और अंतर्राष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान (आईआईपीएस) द्वारा भारत में वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण पर “इंडिया एजिंग रिपोर्ट 2023” तैयार की गई है। रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष इस प्रकार हैं:-

  1. वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के लिए समझाना और उनके दैनिक उपयोग के लिए प्रशिक्षण और आवश्यक गैजेट प्रदान करना एक चुनौती है।
  • II. समाज अभी भी डिमेंशिया और अल्जाइमर रोग जैसे मानसिक स्वास्थ्य के विषयों को एक कलंक मानता है।
  1. भारतीय जनसंख्या की उम्र बढ़ने के साथ अक्षमता चिंता का प्रमुख विषय बन जाती है जो बदले में देखभाल के बोझ को बढ़ाती है।
  • IV. गरीबी, वृद्धावस्था में सामाजिक सुरक्षा का अभाव, निम्न स्तरीय सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाएं, निरक्षरता तथा डिजिटल अज्ञानता ने अतिरिक्त चुनौतियां पैदा की हैं और सामान्य आपदा राहत कार्यों में हाल तक अक्सर वृद्धजनों को एक अलग समूह के रूप में शामिल नहीं किया जाता था।
  1. कॉर्पोरेट और गैर सरकारी संगठनों ने खुशहाल बुढ़ापे, सामाजिक सहायता, वृद्धाश्रमों के लिए प्रयास किए हैं।

भारत सरकार क्षमता सृजन सहित अपने कार्यक्रमों को लागू करने के लिए अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से गैर-सरकारी/स्वैच्छिक संगठनों, क्षेत्रीय संसाधन प्रशिक्षण केन्द्रों और राष्ट्रीय समाज रक्षा संस्थान के साथ सहयोग कर रही है। निजी क्षेत्र में पहले से ही कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 135 के प्रावधानों के अनुसार कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से बुजुर्ग कल्याण के क्षेत्र में काम करने का प्रावधान है।

 

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