नवोदय शिक्षकों के क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का भव्य समापन: तकनीक और नवाचार से सुदृढ़ होगा शिक्षण

श्रीनगर (गढ़वाल): हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में नवोदय विद्यालय समिति (NVS) के शिक्षकों के लिए आयोजित चार दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों, तकनीकी सत्रों और प्रेरक विचार-विमर्श के साथ संपन्न हो गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और दक्षता आधारित शिक्षण से जोड़ना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने ICT आधारित पाठ योजनाओं, अनुभवात्मक अधिगम तथा PhET, खान अकादमी, GeoGebra, NCERT एवं NPTEL जैसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स का प्रभावी उपयोग प्रस्तुत किया। इसके साथ ही, शिक्षकों को विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग स्थित संग्रहालय का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया, जहाँ प्रो. फरस्वाण ने प्राचीन पुरावशेषों, मूर्तियों, पांडुलिपियों और हिमालयी सांस्कृतिक विरासत की ऐतिहासिक महत्ता से रूबरू कराया।
कार्यक्रम के अंतिम दिन व्यावसायिक विकास, राष्ट्रीय शिक्षक व्यावसायिक मानक (NPST), राष्ट्रीय मेंटरिंग मिशन (NMM), स्व-निर्देशित अधिगम और सतत व्यावसायिक विकास (CPD) पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। इसमें प्रो. सीमा धवन, डॉ. नीतू शर्मा, डॉ. पुनीत वालिया, डॉ. देवेंद्र सिंह और डॉ. आशु रौलेट जैसे विशेषज्ञों ने शिक्षकों को आत्ममूल्यांकन और नवाचार के लिए प्रेरित किया। समापन समारोह में डॉ. शंकर सिंह के स्वागत और डॉ. कविता भट्ट के मंच संचालन के बीच, अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. एम.एम. सेमवाल ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं और बदलते परिवेश में उनका निरंतर सीखना बेहद आवश्यक है। वहीं, मुख्य अतिथि प्रो. दीपक कुमार ने तकनीक के प्रभावी उपयोग से कक्षाओं को संवादात्मक बनाने पर जोर दिया, प्रो. ए.के. नौटियाल ने भारतीय ज्ञान परंपरा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय पर प्रकाश डाला, तथा प्रो. आर.एस. नेगी ने विश्वविद्यालय व विद्यालयों के शैक्षणिक सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। अंत में, कार्यक्रम समन्वयक प्रो. सीमा धवन ने प्रशिक्षण की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. आलोक सागर गौतम, डॉ. सुमनलता तिरुवा, डॉ. सपना सेन, डॉ. अनित कौर, डॉ. रीना आर्य सहित अनेक शिक्षक एवं नवोदय विद्यालय के प्रतिभागी उपस्थित रहे, जिससे यह चार दिवसीय आयोजन शिक्षकों के सतत व्यावसायिक विकास की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ।

